Rajesh Exports: सेबी की ओर से वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स मुश्किल में फंस गई है। कंपनी को एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए चल रही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से बाहर किया जा सकता है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) इस मामले की समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय आने वाले दिनों में इस पर अंतिम फैसला ले सकता है।
मंत्रालय के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि विभाग के भीतर इस बात को लेकर मजबूत राय बन चुकी है कि राजेश एक्सपोर्ट्स को PLI योजना के लाभार्थियों की सूची से हटा दिया जाए। मामला जल्द ही भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी के सामने रखा जा सकता है, जो हाल ही में किर्गिस्तान की आधिकारिक यात्रा से लौटे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि अंतिम फैसला आने वाले कुछ दिनों में लिया जा सकता है।
सेबी ने क्या आरोप लगाए हैं?
यह पूरा मामला 3 जून को जारी सेबी के 109 पन्नों के अंतरिम आदेश के बाद सामने आया है। अपने आदेश में सेबी ने आरोप लगाया कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच 15.15 लाख करोड़ रुपये की आय को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
सेबी का कहना है कि इस अवधि के दौरान कंपनी की सहायक कंपनियों से दिखाई गई लगभग 99.8 प्रतिशत आय का वास्तविक आंकड़ों से मेल नहीं था और उसे गलत तरीके से पेश किया गया।
फंड डायवर्जन और लेनदेन पर भी सवाल
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी से जुड़ी लिथियम-आयन सेल कारोबार वाली इकाइयों एलेस्ट प्राइवेट लिमिटेड और ACC Energy Storage Pvt Ltd के जरिए फंड डायवर्जन किया गया। इसके अलावा संबंधित पक्षों के साथ हुए कुछ लेनदेन में पारदर्शिता की कमी रही। जरूरी जानकारियों का सही तरीके से खुलासा नहीं किए जाने की बात भी कही गई है।
राजेश मेहता पर लगी ट्रेडिंग से रोक
सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता को अगली कार्रवाई पूरी होने तक कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री या किसी भी तरह के लेनदेन से रोक दिया है।
इसके साथ ही सेबी ने कंपनी के खातों की नई फोरेंसिक जांच कराने का भी आदेश दिया है, ताकि आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा सके।
ACC बैटरी स्टोरेज के लिए चल रही PLI योजना का संचालन भारी उद्योग मंत्रालय करता है। मंत्रालय फिलहाल सेबी की रिपोर्ट और निष्कर्षों की समीक्षा कर रहा है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं, राजेश मेहता और राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मामले की जांच में मदद कर रही है।
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