Tata Motors Shares: टाटा मोटर्स के शेयर बुधवार 28 जून को दोपहर के कारोबार में करीब 3% उछलकर अपने पिछले एक साल के नए उच्चतम स्तर 589.30 रुपये पर पहुंच गए। टाटा मोटर्स के शेयर 2 कारणों से फोकस में बने हुए हैं। पहला इसकी लग्जरी सहयोगी कंपनी 'जगुआर एंड लैंड रोवर (JLR)' की ग्रोथ संभावनाएं बेहतर हुई हैं। दूसरा, इसकी सहायक कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) को अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी मिलना। इन दोनों कारणों से हाल में Tata Motors के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।
इसके अलावा हाल ही में विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए (CLSA) ने टाटा मोटर्स के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया, जिससे इसे लेकर सेंटीमेंट और मजबूत हुआ है। CLSA ने टाटा मोटर्स का टारगेट प्राइस करीब 8 प्रतिशत बढ़ाकर 690 रुपये कर दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से इस शेयर में करीब 20 फीसदी की और तेजी आने की संभावना जताता है।
CLSA का मानना है कि सभी बिजनेसों में बोहतर कैश मैनेजमेंट और कमर्शियल वाहनों की स्थिर घरेलू मांग के साथ मजबूत एग्जिक्यूशन से कंपनी के ग्रोथ में मदद मिलने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "JLR की रिटेल बिक्री मई में मजबूत गति से बढ़ी है और मौजूदा वित्त वर्ष में इसका EBIT (अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स) मार्जिन 6 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।"
इसे ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए टाटा मोटर्स के लिए अपने अर्निंग अनुमानों को 11-18 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) ने भी टाटा मोटर्स को ऑटोमोबाइल सेक्टर के भीतर अपने पसंदीदा स्टॉक के रूप में चुना है। ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा मोटर्स की इंडस्ट्री में मजबूत स्थिति है, जिसके कारण कमर्शियल वाहनों की बढ़ती मांग का इसे सबसे अधिक लाभ हो सकता है।
दोपहर करीब 2 बजे, टाटा मोटर्स के शेयर NSE पर 585.95 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो मंगलवार के बंद भाव से 2.24 प्रतिशत अधिक है।
बता दें कि मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने 27 जून को टाटा टेक के IPO प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही टाटा ग्रुप करीब 20 साल बाद अपनी किसी कंपनी का IPO लेकर आ रहा है। टाटा टेक में टाटा मोटर्स की 74.69 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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