Tata Motors Shares Price: टाटा मोटर्स के जून तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से अच्छे रहे। इसके बावजूद कंपनी के शेयरों में शुक्रवार 2 अगस्त को 4 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह 1,095 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे मुख्य कंपनी के मैनेजमेंट का एक बयान रहा, जिसमें उसने मौजूदा वित्त वर्ष के बाकी महीनों में ग्लोबल लेवल मांग के सुस्त रहने का संकेत दिया है। फिर भी ब्रोकरेज फर्म टाटा मोटर्स के स्टॉक को लेकर काफी हद तक बुलिश हैं। हाल ही में ने कंपनी कमर्शियल व्हीकल (CV) और जगुआर लैंड रोवर (JLR) में उनके अनुमानों से अच्छा प्रदर्शन किया है।
विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने टाटा मोटर्स के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,330 रुपये कर दिया है। ब्रोकेरेज ने कहा कि भारतीय कमर्शियल व्हीकल मार्केट में इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट हमारे अनुमानों से भी अधिक मजबूत रहा है।
नोमुरा ने शेयर पर बुलिश नजरिया बरकरार रखा है और इसके लिए 1,303 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। नोमुरा ने कहा कि बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थियों के बावजूद इसकी सब्सिडियरी जगुआर लैंड रोवर (JLR) का प्रदर्शन शानदार रहा है।
भारत में, टाटा मोटर्स का कमर्शियल व्हीकल रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत बढ़कर 17,800 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBIT मार्जिन 2.40 प्रतिशत बढ़कर 8.9 प्रतिशत हो गया। दूसरी ओर इसकी ब्रिटिश सब्सिडियरी JLR का रेवेन्यू जून तिमाही के दौरान 5.4 फीसदी बढ़कर 7.3 अरब पाउंड रहा। वहीं इसका EBIT मार्जिन 0.30 फीसदी बढ़कर 8.9 फीसदी रहा।
हालांकि UBS के एनालिस्ट्स ने पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में दबाव को देखते हुए टाटा मोटर्स के स्टॉक को 'बेचने (Sell)' की सलाह दी है और इसे 850 रुपये का टारगेट दिया है। कंपनी का पैसेंजर व्हीकल रेवेन्यू जून तिमाही में 7.7 फीसदी घट गया, जो बाजार में मौजूद चुनौतियों को दिखाता है। लेकिन इसका EBITDA इस दौरान 0.50 फीसदी बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया।
कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स का वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 74 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 3,203 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,566 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कंपनी का रेवेन्यू 5.7 प्रतिशत बढ़कर 1,07,316 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का EBITDA 19 प्रतिशत बढ़कर 15,785 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 12.9 प्रतिशत से बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गया।