Get App

टाटा स्टील के शेयरों में 6% की तेजी, एक प्लान से ₹4500 करोड़ बचा सकती है कंपनी, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेट

Tata Steel Stocks: टाटा स्टील के शेयरों में आज 11 अप्रैल को शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 6% तक उछलकर 134.95 रुपये के स्तर तक पहुंच गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि कंपनी ने अपने नीदरलैंड के कारोबार में बड़े बदलाव का फैसला किया है। इसके तहत कंपनी अपने लागत घटाने पर जोर दे रही है। हालांकि इसके चलते वहां के 1600 कर्मचारियों की नौकरी भी छिन जाएगी

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 11, 2025 पर 3:37 PM
टाटा स्टील के शेयरों में 6% की तेजी, एक प्लान से ₹4500 करोड़ बचा सकती है कंपनी, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेट
Tata Steel Stocks: जेपी मॉर्गन ने टाटा स्टील के शेयर के लिए 180 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है

Tata Steel Stocks: टाटा स्टील के शेयरों में आज 11 अप्रैल को शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 6% तक उछलकर 134.95 रुपये के स्तर तक पहुंच गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि कंपनी ने अपने नीदरलैंड के कारोबार में बड़े बदलाव का फैसला किया है। इसके तहत कंपनी अपने लागत घटाने पर जोर दे रही है। हालांकि इसके चलते वहां के 1600 कर्मचारियों की नौकरी भी छिन जाएगी। ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन का कहना है कि टाटा स्टील को इस कदम से करीब 50 करोड़ यूरो तक का लागत बचाने में मदद मिली। ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट से भी टाटा स्टील को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है।

जेपी मॉर्गन ने टाटा स्टील पर अपनी 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसे 180 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने अपने नीदरलैंड के कारोबार में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। इन कदमों से लागत में वित्त वर्ष 2026 तक 500 मिलियन यूरो (लगभग ₹4,500 करोड़) की बचत संभव है, भले ही ग्लोबल स्तर पर आर्थिक चुनौतियां बनी रहें।

टाटा स्टील ने हाल ही में अपने नीदरलैंड स्थित प्लांट में 1,600 मैनेजमेंट और सपोर्ट कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह कदम लागत में कटौती, उत्पादन दक्षता में सुधार और मार्जिन बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

टाटा स्टील ने घोषणा की है कि वह अपने नीदरलैंड प्लांट में मैनेजमेंट और सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम करने वाले 1600 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। कंपनी ने बताया कि यह उसकी लागत में कटौती, उत्पादन दक्षता में सुधार और मार्जिन बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें