Why Jefferies bullish on India: भारत पर जेफरीज बुलिश क्यों? इन सेक्टर्स और स्टॉक्स पर लगाया दांव

Why Jefferies bullish on India: अमेरिका ने चीन को छोड़ बाकी देशों पर रेसिप्रोकल टैक्स पर 90 दिनों तक रोक लगा दिया है। हालांकि इसके बावजूद अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इन सबके बीच जेफरीज ने भारत पर बुलिश रुझान अपनाया है। जेफरीज ने कुछ सेक्टर और स्टॉक्स भी सुझाए हैं

अपडेटेड Apr 11, 2025 पर 3:10 PM
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Why Jefferies bullish on India: दुनिया भर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के चलते अनिश्चितता की अस्थिति बनी हुई है। इस बीच जेफरीज ने भारत पर बुलिश रुझान दिखाया है।

Why Jefferies bullish on India: दुनिया भर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के चलते अनिश्चितता की अस्थिति बनी हुई है। इस बीच जेफरीज ने भारत पर बुलिश रुझान दिखाया है। जेफरीज ने अमेरिका के साथ सौदे की संभावनाओं, अमेरिका पर भारतीय जीडीपी के मुकाबले कम निर्भरता, महंगाई के नियंत्रण में रहने के अनुमान, रेपो रेट में कटौती और कच्चे तेल के भाव में बड़ी गिरावट के चलते भारत को ओवरवेट रेटिंग दी है। जेफरीज के मुताबिक विकासशील देशों में भारत सबसे बेहतर दिख रहा है। हालांकि इंडेक्स लेवल पर चुनौतियां दिख रही हैं लेकिन जेफरीज ने सेक्टरवाइज और स्टॉकवाइज कुछ सुझाव दिए हैं।

इन वजहों से Jefferies है भारत पर बुलिश

इस समय सबसे अधिक अनिश्चितता अमेरिकी टैरिफ के चलते ही और जेफरीज का मानना हैं कि चूंकि अमेरिका और चीन पर भारत की निर्भरता बहुत अधिक नहीं है तो टैरिफ का झटका इसे कम लगेगा। भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है लेकिन भारत की जीडीपी का यह महज 2.3 फीसदी है यानी कि टैरिफ के झटके को यह आसानी से सह सकता है। इसके अलावा अमेरिका के साथ भारत द्विपक्षीय समझौते के लिए कोशिश कर रहा है, जिसका एक्सपोर्ट कंपनियों पर पॉजिटिव असर दिखेगा।


इसके अलावा भारतीय मार्केट को रेपो रेट में कटौती और महंगाई के नियंत्रण में रहने के आरबीआई के अनुमान से भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25 फीसदी घटाकर 6 फीसदी करने का ऐलान किया है। आरबीआई की लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिशों से भी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा कच्चे तेल के भाव में गिरावट से भी इकॉनमी को सपोर्ट मिल रहा है। कच्चा तेल इस लाल 20 फीसदी गिरकर करीब 60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया जोकि भारत के लिए काफी अच्छा है क्योंकि वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक इसने करीब 88 फीसदी तेल विदेशों से मंगाया। तेल के भाव गिरने से चालू खाते का घाटा कम होगा और सरकार के पास विकास के लिए अधिक पैसे बचेंगे। विदेशी निवेशकों की बात करें तो जेफरीज का मानना है कि भारतीय इकॉनमी के मजबूत आउटलुक पर विदेशी निवेशक एक बार फिर यहां ताबड़तोड़ दांव लगा सकते हैं।

इन सेक्टर्स पर लगाया दांव

जेफरीज का सबसे तगड़ा दांव लेंडर्स, पावर और टेलीकॉम पर है। जेफरीज का बैंकों, पावर, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल्स और प्रॉपर्टी को लेकर पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। स्टॉक्स की बात करें तो ब्रोकरेज फर्म ने मैक्रोटेक डेवलपर्स,कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक बैंक, एक्सिस बैंक, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, चोलमंडलम फाइनेंस, आयशर मोटर्स, टीवीएस मोटर और भारती एयरटेल पर दांव लगाया है। हाल ही में जेफरीज ने एनटीपीसी और बीपीसीएल को भी अपनी स्टॉक्स की लिस्ट में जोड़ा है।

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