IT stocks : अब तक आईटी सेक्टर की अधिकांश दिग्गज कंपनियों के 30 सितंबर 2023 को खत्म हुई दूसरी तिमाही के नतीजे आ चुके हैं। हालांकि इनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं दिख रहा है। भारत की पांच सबसे बड़ी आईटी कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री दूसरी तिमाही में मांग में कमी, मैक्रो इकोनॉमिक चुनौतियों और गैर-जरूरी खर्च में कटौती की मुश्किलों से जूझती नजर आई हैं। बाजार जामकारों का कहना है कि निकट भविष्य में भी इन कंपनियों के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं दिख रही हैं।
एक तरफ कंपनियों के प्रबंधन का कहना है कि दूसरी तिमाही में उनको अच्छी मात्रा में नई डील मिली हैं और उन्होंने कठिन माहौल में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं, दूसरी तरफ ब्रोकरेज का मानना है कि अधिकांश आईटी कंपनियां अपनी डील विन को ग्रोथ में बदलने में सक्षम नहीं हैं।
दूसरी तिमाही में इन सभी पांच कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर मार्जिन हासिल किया है। इनको लागत-नियंत्रण उपायों, कर्मचारी पिरामिड को तर्कसंगत बनाने और कार्यक्षमता में सुधार का फायदा मिला है। लेकिन इससे इस बात का संकेत नहीं मिलता कि शॉर्ट टर्म में इन कंपनियों के मार्जिन में तेज बढ़त होगी। इसके अलावा, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक का रेवेन्यू गाइडेंस भी कमजोर है। जिसके चलते आईट कंपनियों में सेंटीमेंट कमजोर दिख रहा है।
कमजोर तिमाही नतीजों के बाद अधिकांश आईटी शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। 11 अक्टूबर के बाद से टीसीएस के शेयर में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। वहीं 12 अक्टूबर को नतीजों के बाद से इंफोसिस के शेयरों में लगभग 4 फीसदी की गिरावट आई है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर की कीमत काफी हद तक स्थिर बनी हुई है। वहीं, दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने के एक दिन बाद, 19 अक्टूबर को विप्रो के शेयरों में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।
हालांकि, उम्मीद से बेहतर मार्जिन दर्ज करने के बाद LTIMindtree के शेयरों में 19 अक्टूबर को 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि आईटी कंपनियों को मौजूदा समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। आईटी कंपनियों की आगे की चाल पर यूएस फेडरल रिजर्व की टिप्पणी का काफी असर पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई आईटी सेक्टर में कॉन्ट्रा बेट लगाना चाहता तो इंफोसिस सबसे अच्छा विकल्प दिख रहा है।
कौन से आईटी स्टॉक खरीदें?
आईटी कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद इन पर ब्रोकरेज फर्मों की राय अलग-अलग रही है। इन्फोसिस को आमतौर पर 'आउटपरफॉर्म', 'ओवरवेट' या 'बाय' जैसी पॉजिटिव रेटिंग मिलीं। हालांकि, मार्जिन पर दबाव और कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस की चिंताओं के कारण इसके टारगेट प्राइस में कटौती देखने को मिली है।
टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो की बात करें ब्रोकरेज ने इनके कमजोर आउटलुक को देखते हुए इनको आमतौर पर पर 'होल्ड', 'रिड्यूस' या 'इक्वल वेट' जैसी रेटिंग दी है। कुछ एनालिस्ट्स ने तो विप्रो और टीसीएस के लिए 'सेल' की सिफारिशें भी है। दूसरी ओर, एलटीआईमाइंडट्री को एनालिस्ट्स से आमतौर पर 'बाय' या 'ऐड' जैसी पॉजिटिव कॉल्स मिली हैं।
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