TCS Q1 Results Preview : कल TCS के नतीजों के साथ पहली तिमाही के नतीजों के मौसम की शुरुआत होगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की कॉन्सटैंट करेंसी और डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ सपाट रह सकती हैं। वहीं मार्जिन में भी 110 बेसिस प्वाइंट का दबाव दिख सकता है। रिजल्ट से पहले TCS और पूरे IT सेक्टर में हल्का दबाव देखने को मिल रहा है। नतीजों के पहले IT सेक्टर के प्रदर्शन की बात करें तो 2026 में निफ्टी ने 7.1% का निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, इस अवधि में निफ्टी आईटी ने 26.5% निगेटिव रिटर्न दिया है। जुलाई में अब तक निफ्टी ने 1.7 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, इस अवधि में निफ्टी आईटी ने 5.9% पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
IT सेक्टर: लगातार बदलता नजरिया
आईटी सेक्टर पर एक्सपर्ट्स का नजरिया लगातार बदलता रहा है। वैल्युएशन मल्टिपल में स्ट्रक्चरल डी-रेटिंग हुई है। ज्यादा ब्रोकरेज इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं। ग्रोथ अनुमान घटाया गया है। लक्ष्य भी घटाया गया है। IT सेक्टर में स्ट्रक्चरल री-सेट देखने को मिला है। डील क्लोजर और आय में बदलाव में देरी की उम्मीद है। AI से जुड़ा डिफ्लेशन (deflation) जारी है। IT एक्सपोर्ट ग्रोथ GCCs, AI कंपनियों की तरफ शिफ्ट हुआ है। वेस्ट एशिया संकट इस सेक्टर के लिए बड़ा सिरदर्द रहा। इससे नैस्डेक लिस्टेड एसेंचर की आय पर 10 करोड़ डॉलर का असर पड़ा। वेस्ट एशिया संकट का असर कंपनियों की आय पर पड़ा
कल शाम 4 बजे TCS के पहली तिमाही के नतीजे आएंगे। TV18 के अनुमान के मुताबिक पहली तिमाही में कंपनी की कॉनस्टेंट करेंसी ग्रोथ तिमाही दर तिमाही आधार पर 0.15% रह सकती है। वहीं, इसकी डॉलर में होने वाली आय में पिछली तिमाही के मुकाबले 0.1% की और रुपए में होने वाली आय में तिमाही आधार पर 1.6% की ग्रोथ हो सकती है। वेतन बढ़ोतरी के चलते मार्जिन पर दबाव संभव है। पहली तिमाही में कंपनी की मार्जिन पिछली तिमाही के 25.3% फीसदी से 110 बेसिस प्वाइंट घट कर 24.2 फीसदी रह सकती है।
TV18 के अनुमान के मुताबिक पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा तिमाही आधार पर 2.1% गिर सकता है और यह पिछली तिमाही के 13,718 करोड़ रुपए से घटकर 13,461 करोड़ रुपए पर आ सकता है। पहली तिमाही में कंपनी पर 7 करोड़ डॉलर का एकमुश्त लीगल एक्सपेंस आ सकता है। बता दें कि जून में कंपनी को US सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था। ट्रेड लीगल लॉसूट में कंपनी की अर्जी को रद्द कर दिया गया था। अनुमान है कि पहली तिमाही में TCS को अरब डॉलर से 10 अरब डॉलर की डील्स मिल सकती हैं। बता दें कि पिछली तिमाही में कंपनी ने 12 अरब डॉलर की डील हासिल की थी।
कैसे रह सकते हैं इंडिया इंक के नतीजे
TCS के नतीजों के साथ कल से पहली तिमाही के नतीजों के मौसम की शुरुआत हो रही है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज और मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय बाजार पर अपना आउटलुक जारी किया है। इनकी रिपोर्ट में भारतीय कंपनियों की कमाई को लेकर क्या बड़े संकेत दिए गए हैं, आइए देखते हैं।
Q1 नतीजों पर जेफरीज का अनुमान
Q1 नतीजों पर जेफरीज का अनुमान है कि पहली तिमाही में इंडिया इंक की रेवेन्यू ग्रोथ 13 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर रहनी संभव है। नॉमिनल GDP में रफ्तार रेवेन्यू को सहारा दे सकती है। तेल-गैस और मेटल्स को छोड़कर मुनाफा सालाना आधार पर 12% बढ़ने का अनुमान है। बैंकिंग और फाइनेंस, टेलीकॉम में 15% से ज्यादा ग्रोथ संभव है। सीमेंट, फार्मा और केमिकल्स के रेवेन्यू पर दबाव संभव है।
Q1 नतीजों पर मॉर्गन स्टैनली का अनुमान
Q1 में इंडिया इंक की रेवेन्यू मोमेंटम मजबूत रहने की उम्मीद है। हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से नतीजों में पॉजिटिव सरप्राइज संभव है। सरकारी नीतियों के सपोर्ट से भारत ऊंचे ग्रोथ के चरण में है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर दिखेगा। कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी, कम्यूनिकेशन सर्विसेज और इंडस्ट्रियल्स में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ संभव है। कम्यूनिकेशन सर्विसेज, मैटेरियल्स, फाइनेंशियल्स के मुनाफे में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। एनर्जी और इंडस्ट्रियल्स के मुनाफे पर दबाव संभव है। सेंसेक्स की अर्निंग में भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा रह सकता है। सेंसेक्स में IndiGo का प्रदर्शन सबसे सुस्त रहने की आशंका है।
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