टेक स्टॉक्स में लगातार चौथे दिन दिखी गिरावट, बीएसई आईटी इंडेक्स ने हिट किया 3 हफ्तों का निचला स्तर

मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि महंगे वैल्यूएशन और यूरोप-अमेरिका में मंदी की आशंका के चलते आईटी पर होने वाला खर्च घटने का डर जैसे कारण आईटी स्टॉक्स पर दबाव बना रहे हैं

अपडेटेड Aug 23, 2022 पर 3:57 PM
आईटी सेक्टर में बढ़ती एट्रिशन रेट को रोकने के लिए प्रतिभाशाली कर्मचारियों को दिए जाने वाले बड़े-बड़े पैकेज आईटी कंपनियों के मार्जिन में पर दबाव बना रहे हैं

घटते मार्जिन और ग्लोबल मंदी की आशंका के चलते आईटी शेयरों की भारी पिटाई हो रही है। मंगलवार यानी आज के कारोबार में बीएसई आईटी इंडेक्स 1.2 फीसदी टूटकर अपने 3 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले 4 कारोबारी सत्रों में बीएसई आईटी इंडेक्स 3.6 फीसदी टूट गया है। वहीं इस साल अब तक इसमें 22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

अलग-अलग स्टॉक्स पर नजर डालें तो आज के कारोबार में Infosys में 1.5 फीसदी की, Tata Consultancy Services में 1 फीसदी की, Wipro में 2 फीसदी की , HCL Technologies में 1.4 फीसदी की और Tech Mahindra में 1.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि महंगे वैल्यूएशन और यूरोप और अमेरिका में मंदी की आशंका के चलते आईटी पर होने वाला खर्च घटने की उम्मीद जैसे कुछ ऐसे कारण हैं जो आईटी स्टॉक्स पर दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा वेतन में बढ़ोतरी के कारण बढ़ती कर्मचारी लागत और आईटी सेक्टर में बढ़ती एट्रिशन रेट को रोकने के लिए प्रतिभाशाली कर्मचारियों को दिए जाने वाले बड़े-बड़े पैकेज आईटी कंपनियों के मार्जिन में पर दबाव बना रहे हैं।


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बता दें कि आईटी कंपनियों पर मंदी का दबाव हावी है जिसके चलते वो इससे निपटने के लिए कमर कस रही हैं। मनीकंट्रोल ने पहले ही बताया था कि इंफोसिस,टीसीएस और विप्रो जैसे कंपनियां अप्रैल-जून तिमाही के लिए अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेरिएबल्स के भुगतान को या तो टाल रही हैं या तो उसमें कटौती कर रही हैं। कंपनियां यह कवायद अपने मार्जिन में आने वाले दबाव से निपटने के लिए कर रही है।

asksandipsabharwal.com के संदीप सभरवाल का कहना है कि विप्रो और टीसीएस की तरफ से वेरिएबल्स पे कट की रिपोर्ट आने के बाद इंफोसिस की तरफ से भी इस तरह की खबरें आई हैं। यह इस बात का संकेत है कि स्थितियां उतनी अच्छी नहीं है जितना की आईटी कंपनियों के मैनजमेंट ने कंपनियों के नतीजों के दौरान दिए गए गाइडेंस में बताई थीं। उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका को देखते हुए आईटी सेक्टर पर अंडरवेट होने की जरूरत है।

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