गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सुबह की बढ़त का एक बड़ा हिस्सा गंवाने के बाद भी मामूली बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। फिलहाल सेंसेक्स 145.66 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 76,716.01 पर और निफ्टी 36.70 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 23,951 दिख रहा है। रियल्टी शेयरों में 2.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। जबकि PSU बैंकों में 1.23 प्रतिशत और प्राइवेट बैंकों में 0.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और इसमें 0.85 प्रतिशत की गिरावट आई है। ब्रॉडर मार्केट बेहतर कर रहे हैं। स्मॉलकैप 100 में 0.93 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इंडिया VIX में 3.62 प्रतिशत की गिरावट आई।
बाजार: क्या बदलेगा ट्रेंड?
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार इस समय एक बियरिश ग्रिप में है। आज सुबह के संकेत कल से थोड़े बेहतर रहे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसके कारण बड़ी रैली हो। बॉन्ड यील्ड्स थोड़ी ठंडी पड़ी हैं। मगर अभी भी कम्फर्ट जोन से ऊपर ही हैं, और ब्रेंट और डॉलर के लिए भी यही कह सकते हैं। लेकिन दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है। अगर कोई रैली आई भी तो वो ज्यादातर शॉर्ट कवरिंग होगी। आज FCNR डिपॉजिट वाली खबर से थोड़ा जोश आ सकता है। लेकिन बड़ा ट्रेंड है, जहां रैली फेल हो वहां बेचें।
फॉरैक्स जुटाने की स्कीम सुपरहिट रही है। RBI को अनुमान से ज्यादा डिपॉजिट मिला। इस स्कीम देश में करीब 136 अरब डॉलर आए, जबकि अनुमान 80 अरब डॉलर का था। डॉलर जुटाने में NRI डिपॉजिट्स का सबसे बड़ा योगदान रहा NRI डिपॉजिट्स 127 अरब डॉलर से ज्यादा रहे। 136 अरब डॉलर में NRI डिपॉजिट्स की हिस्सेदारी 93% रही।
RBI को मिले बंपर डिपॉजिट का मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि भारत के पास ज्यादा फॉरैक्स रिजर्व का अच्छा सपोर्ट है। RBI के पास रुपये को संभालने के लिए ज्यादा फायर पावर मौजूद है और बैंकों के पास बड़ा फॉरेन करेंसी में फंडिंग मौजूद है। लेकिन राह इतनी आसान नहीं है। इतने बड़े इनफ्लो की एक कीमत भी है। बैंकिंग सिस्टम में रुपये की लिक्विडिटी तेजी से बढ़ी है। अब RBI की अगली चुनौती डॉलर जुटाना नहीं, इतने सारे रुपये को मैनेज करना है। FCNR(B) सिर्फ डिपॉजिट जुटानी की कहानी नहीं है। ये RBI की फॉरेक्स स्ट्रैटेजी की बड़ी सफलता की कहानी भी है और अब बड़ा सवाल ये है कि क्या 127 अरब डॉलर का सपोर्ट रुपये के लिए टर्निंग प्वाइंट बनेगा?
अनुज सिंघल ने कहा कि FIIs की बड़ी कैश खरीदारी से सेंटीमेंट बेहतर होगा। ब्लॉक डील्स हटा दें तब भी FIIs की खरीदारी बड़ी है। हो सकता है MSCI, FTSE का Delayed Adjustment हुआ हो। आज रेट सेंसिटिव शेयरों में थोड़ी रिकवरी आ सकती है। PSU बैंक रिकवरी के सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं और अगर प्राइवेट बैंक भी चले तो बड़ा पॉजिटिव होगा। बैंक निफ्टी का 57,500 को वापस हासिल करना जरूरी है। अगर बैंक निफ्टी में मजबूती लौटी तो बड़ा पॉजिटिव होगा। मजबूत 2-व्हीलर शेयरों में भी रिकवरी हो सकती है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में भी आज रिकवरी आनी चाहिए। बाजार में काफी शॉर्ट पोजिशन्स हैं और बाजार सपोर्ट पर है। कल निफ्टी ने हमारे स्विंग टारगेट यानी 23,800 को पूरा किया। कल क्लोजिंग में हमने न्यूट्रल रहने का नजरिया लिया था और रणनीति यही थी कि रैली फेल होने का इंतजार करें। आज देखते हैं रैली फेल होगी या नहीं।
अनुज सिंघल ने कहा निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24,150-24,200 पर है। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,050-24,150 है। SL 24,225 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,850-23,900 पर और बड़ा सपोर्ट 23,750-23,800 पर है। खरीदारी तभी करें जब निफ्टी 23,900-23,950 को बचाए, SL 23,850 पर रखें।
अनुज सिंघल के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,500-57,600 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,000-57,200 पर और बड़ा सपोर्ट 56,700-56,900 पर है। देखना होगा कि बैंक निफ्टी 57,500 के ऊपर टिकता है या नहीं। अगर 57,500 रिजेक्ट होता है तो 100 अंकों के SL के साथ बिकवाली करें। नहीं तो 100 अंकों के SL के साथ खरीदारी करें।
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