ट्रेड डील को लेकर फिक्रमंद हुआ बाजार, इन इवेंट्स पर भी हैं नजरें, इस समय संभलकर निवेश करने की हैं जरुरत- गुरमीत चड्ढा

गुरमीत चड्ढा ने कहा कि टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता, कमजोर तिमाही नतीजे , फेड की मीटिंग, जैसे कई अहम इवेंट्स ने बाजार को मूड माहौल खराब किया है। वहीं पिछले कुछ दिनों से एफआईआई की बिकवाली भी बढ़ी है। जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर आ रहे है उन्हें बाजार रिवॉर्ड कर रहा है और जिनके नतीजे निराशाजनक रहे है उन्हें बाजार पनिस कर रहा है

अपडेटेड Jul 30, 2025 पर 6:52 PM
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गुरमीत चड्ढा ने कहा कि बहुत सारे फर्टिलाइजर, एग्रोकेमिकल कंपनियों के नतीजे बहुत अच्छे आए है।

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए COMPLETE CIRCLE के मैनेजिंग पार्टनर और CIO गुरमीत चड्ढा ने कहा कि टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता, कमजोर तिमाही नतीजे , फेड की मीटिंग, जैसे कई अहम इवेंट्स ने बाजार को मूड माहौल खराब किया है। वहीं पिछले कुछ दिनों से एफआईआई की बिकवाली भी बढ़ी है। जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर आ रहे है उन्हें बाजार रिवॉर्ड कर रहा है और जिनके नतीजे निराशाजनक रहे है उन्हें बाजार पनिस कर रहा है। बाजार ट्रेड डील को लेकर भी काफी फिक्रमंद बना हुआ है। बाजार में थोड़ा बैलेंस बना कर चलें , आगे बाजार में खरीदारी के कई मौके मिलेंगे।

एलएंडटी के नतीजे काफी अच्छे

उन्होंने आगे कहा कि एलएंडटी के नतीजे काफी अच्छे आए है। ऑर्डर भी काफी बढ़े है। गुरमीत चड्ढा ने कहा कि बहुत सारे फर्टिलाइजर, एग्रोकेमिकल कंपनियों के नतीजे बहुत अच्छे आए है। एमएंडएम और टू-व्हीलर सेगमेंट के नतीजे आने बाकी है जिसके बाद नतीजों के लेकर और तस्वीर और साफ होगा। मेरा मानना है कि रुरल इकोनॉमी में रिकवरी देखने को मिल रही है। हालांकि डिफेंस सेक्टर में शेयर भागे लेकिन ऑर्डरबुक वैसे नहीं आए जैसे स्टॉक भागे थे, जिसके कारण डिफेंस में थोड़ा करेक्शन देखने को मिला। लेकिन ओवरऑल डिफेंस का मोमेंटम अच्छा है।


CDMO में बड़े मौके हैं लेकिन कारोबार जटिल

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि CDMO में बड़े मौके हैं लेकिन कारोबार जटिल है। हमारे पोर्टफोलियों में डिविज लैब्स, लॉरेस लैब्स जैसे शेयरों में निवेश किया है। हमारे पोर्टफोलियों में निफ्टी का वेट 12-13 फीसदी तक है। हेल्थकेयर पर काफी कंस्ट्रक्टिव है।

न्यू एज कंपनियों में रिस्क और रिवॉर्ड दोनों ज्यादा

क्विक कॉमर्स कंपनियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि न्यू एज कंपनियों में रिस्क और रिवॉर्ड दोनों ज्यादा है। न्यूज एज कंपनियों में इटरनल, जियो फाइनेंशियल में निवेशित है। इटरनल को लेकर हमारा नजरिया पॉजिटिव है।

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