Defence Stocks: सरकारी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट, सरकार ने एक्सपोर्ट नियमों में खास बदलाव किया

Defence Stocks: सरकारी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को बिकवाली दिखी। BDL और HAL 4% तक गिरे। सरकार ने डिफेंस एक्सपोर्ट के नियम आसान किए हैं। इससे सरकारी कंपनियों की कमाई को लेकर चिंता बढ़ने वाली है। हालांकि, लंबे समय में आसान एक्सपोर्ट से पूरे सेक्टर को फायदा मिल सकता है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Aug 28, 2026 पर 6:25 PM
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रक्षा मंत्रालय ने General Export Licence यानी OGEL की वैधता 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी है।

Defence Stocks: डिफेंस शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली दिखी। Bharat Dynamics यानी BDL और Hindustan Aeronautics यानी HAL के शेयर 4% तक गिर गए। सरकार ने डिफेंस एक्सपोर्ट के नियम आसान किए हैं। इसके बाद निवेशकों ने सरकारी डिफेंस कंपनियों पर असर का आकलन किया।

BDL और HAL में गिरावट

Nifty Defence Index का सबसे कमजोर शेयर भारत डायनेमिक्स रहा। कारोबार के दौरान इसमें करीब 3% तक गिरावट आई। HAL भी करीब 1% नीचे आया। Nifty Defence Index में भी करीब आधा फीसदी की गिरावट रही। इंडेक्स के 19 में से 13 शेयर लाल निशान में बंद हुए।


गॉर्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, भारत फोर्ज और कोचीन शिपयार्ड भी 1% तक नीचे आए।

प्राइवेट कंपनियों से बढ़ सकता है मुकाबला

नियम आसान होने से डिफेंस एक्सपोर्ट का रास्ता आसान होगा। लेकिन इससे सरकारी कंपनियों के सामने प्राइवेट कंपनियों से मुकाबला भी बढ़ सकता है। ज्यादा कंपनियां विदेशी ऑर्डर के लिए बोली लगाएंगी। इससे कीमतों और मार्जिन पर दबाव आ सकता है।

दूसरी तरफ, लंबे समय में इसका फायदा पूरे डिफेंस सेक्टर को मिल सकता है। एक्सपोर्ट का बाजार बढ़ेगा तो अच्छी कंपनियों के लिए नए ऑर्डर के मौके भी बन सकते हैं। यानी शेयरों में तत्काल गिरावट डिफेंस की मांग कमजोर होने की वजह से नहीं है। निवेशक ज्यादा प्रतिस्पर्धा और वैल्यूएशन को लेकर चिंतित हैं।

OGEL की वैधता 3 साल हुई

रक्षा मंत्रालय ने General Export Licence यानी OGEL की वैधता 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी है। तीन अलग-अलग प्रक्रियाओं को भी एक फ्रेमवर्क में मिला दिया गया है। इससे एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को बार-बार मंजूरी और अनुपालन की प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

OGEL के तहत योग्य कंपनियां कुछ तय डिफेंस प्रोडक्ट्स की कई खेप के लिए खुद एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन जनरेट कर सकती हैं। हर शिपमेंट के लिए अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।

41 देशों से बढ़कर लगभग पूरी दुनिया तक दायरा

OGEL का दायरा पहले 41 देशों तक था। अब इसे संवेदनशील और प्रतिबंधित देशों को छोड़कर सभी देशों तक बढ़ाया गया है। UN Security Council की पाबंदी या हथियार प्रतिबंध वाले देश इसके दायरे से बाहर रहेंगे।

गैर-घातक डिफेंस प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट के लिए ज्यादातर देशों में अब स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन की जरूरत नहीं होगी। संवेदनशील देशों के लिए सुरक्षा नियम जारी रहेंगे। इंटरनेशनल टेंडर और प्रदर्शनियों के लिए होने वाले पात्र एक्सपोर्ट में भी कंसल्टेशन हटा दिया गया है। इससे कंपनियां विदेशी कारोबार के मौके तेजी से तलाश सकेंगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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