SME सेक्टर की पनी C2C एडवांस्ड सिस्टम्स के शेयर दिसंबर 2024 में लिस्ट होने के बाद लगभग दोगुने भागे थे। लेकिन पिछले दो दिनों में यह शेयर 40 फीसदी टूट गया है। मार्च के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक FIIs के पास कंपनी की 3.18% हिस्सेदारी है। जबकि, जानेमाने निवेशक आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल के पास इसमें 3.82% और 2.75% हिस्सेदारी थी। वहीं, बंगाल फाइनेंस के पास कंपनी में 1.27% हिस्सेदारी है।
21 जुलाई को दोपहर के कारोबार में C2C एडवांस्ड सिस्टम्स में 20% का लोअर सर्किट लग गया। तब यह 268.15 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इस शेयर में दो दिनों में 40 फीसदी की गिरावट आई है।
569 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी शेयर सोमवार को भी लगभग 20 प्रतिशत गिरकर 335.15 रुपये के निचले सर्किट (lower circuit) पर आ गए थे। इस स्टॉक में भारी गिरावट आई है और यह अभी अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर 888 रुपये से लगभग 72 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि पिछले एक साल में इसमें 46 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है।
जानें क्यों आई शेयर में बिकवाली
C2C एडवांस्ड सिस्टम्स की 18 जुलाई, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में 31 मार्च, 2026 को खत्म हुई छमाही और पूरे साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी गई। हालांकि,कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, LABS & एसोसिएट्स ने'क्वालिफाइड ओपिनियन'जारी करते हुए कंपनी के कारोबार जारी रखने की क्षमता को लेकर बड़ी चिंताएं जाहिर की हैं। इसके चलते ही इस शेयर पर दबाव बना है।
C2C एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और C4I सिस्टम्स प्रोवाइडर है। कंपनी मिलिट्री,सिक्योरिटी और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए AI/ML,इंडस्ट्रियल IoT(IIoT),बिग डेटा एनालिटिक्स और एम्बेडेड सिस्टम्स जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खास सॉफ्टवेयर-बेस्ड सिस्टम्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है।
सेबी के राडार पर क्यों रही कंपनी?
एक निवेशक की शिकायत के बाद सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने C2C एडवांस्ड सिस्टम्स (एक SME) को अपने फाइनेंशियल अकाउंट्स की जांच के लिए इंडिपेंडेंट ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश दिए थे। इसके चलते दिसंबर 2024 में कंपनी की लिस्टिंग में देरी हुई थी।
इसके अलावा,रेगुलेटर ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से कहा था कि वह IPO के ज़रिए जुटाए गए फंड के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए एक निगरानी एजेंसी बनाए। रेगुलेटरी दखल के बाद,सभी कैटेगरी के निवेशकों को अपनी बोलियां वापस लेने का विकल्प दिया गया था।
पब्लिक इश्यू को मिला था अच्छा रिस्पॉन्स
डिफेंस और एयरोस्पेस सॉल्यूशन में माहिर C2C एडवांस्ड सिस्टम्स के पब्लिक इश्यू में जबरदस्त मांग देखने को मिली थी। निवेशकों ने 36.56 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं थी,जबकि आईपीओ में सिर्फ़ 29.15 लाख शेयर ही उपलब्ध थे।