Waaree Renewable Technologies: पिछले एक साल में वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 630 पर्सेंट की बढ़ोतरी रही है और अगर मौजूदा साल की बढ़ोतरी को ध्यान में रखा जाए, तो यह आंकड़ा 300 पर्सेंट रहा है। इसके बावजूद, एनालिस्ट्स के पास कंपनी के शेयरों के लिए बुलिश आउटलुक है। जानकारों के मुताबिक, मजबूत ऑर्डर बुक, मजबूत फाइनेंशियल और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से यह स्टॉक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि, कंपनी का हाई पीई मल्टीपल निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
दिलचस्प बात यह है कि इसकी पेरेंट कंपनी वारी एनर्जीज भी पब्लिक इश्यू लाने की तैयारी में है और कंपनी पहले ही अपने IPO के लिए ड्राफ्ट डॉक्युमेंट फाइल कर चुकी है।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉपिट 28.16 करोड़ रुपय रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 9.13 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के प्रॉफिट में सालाना आधार पर 208.51 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 236.35 करोड़ रुपये रहा और इसमें सालाना आधार पर 83.31 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 128.94 करोड़ रुपये था। संबंधित अवधि में कंपनी का इबिट्डा सालाना आधार पर 206.60 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 41.08 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 13.40 करोड़ रुपये था।
जहां तक कंपनी के स्टॉक की परफॉर्मेंस की बात है, तो वारी नियमित तौर पर अपर सर्किट के दायरे में पहुंचता रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने कंपनी के हाई पीई रेशियो (101.2) को लेकर चिंता जताई है, जो ओवरवैल्यूएशन का संकेत हो सकता है।
सीमित कवरेज, म्यूचुअल फंड की मौजूदगी नहीं
मजबूत फंडामेंटल्स के बावजूद वारी को अब तक म्यूचु्अल फंड या फॉरेन इंस्टी्टयूशनल इनवेस्टर्स (FIIs) से ज्यादा तवज्जो नहीं मिली है। म्यूचुअल फंड या FIIs के पास यह स्टॉक नहीं है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, वारी अभी भी अदाणी ग्रीन और NTPC की तुलना में छोटा खिलाड़ी है। इस कंपनी में प्रमोटर्स की 74.5 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि FIIs के पास 0.8 पर्सेंट हिस्सा है।