Market cues : 23200–23000 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, 23600 के ऊपर टिकने पर ही आएगी तेजी
Nifty Trade setup :जब तक निफ्टी 23,600 के लेवल के ऊपर टिककर बंद नहीं होता,तब तक किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 23,200–23,000 के जोन में एक अहम सपोर्ट है। अगर यह 23,000 के नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 सितंबर को बढ़कर 1.01 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.77 था
Trade setup for today : 11 सितंबर को निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई,लेकिन निचले स्तरों से खरीदारी आने के बाद यह दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। हालांकि,बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है और सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (जो $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं) और FOMC की बैठक से पहले US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंचना भी बाजार के सेंटीमेंट पर भारी पड़ा।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के लेवल के ऊपर टिककर बंद नहीं होता,तब तक किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 23,200–23,000 के दायरे में एक अहम सपोर्ट है। अगर यह 23,000 के नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 23,500–23,600 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23,398) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,442, 23,493 और 23,576
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,276, 23,225 और 23,143
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन: गैप-डाउन ओपनिंग के बाद रिकवरी करते हुए निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई। हालांकि। इसमें लोअर-हाई और लोअर-लो का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है। इसलिए, एक अच्छी रिकवरी की पुष्टि के लिए लगातार खरीदारी बने रहने की जरूरत है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही रहे,जबकि इंडेक्स 22,182 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के करीब पहुंच गया है। डेली RSI 30 के लेवल से नीचे 27.22 पर बना रहा,जबकि MACD का डाउनट्रेंड जारी रहा और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार पांचवें सेशन में भी चौड़ा होता गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी के बावजूद बेयरिश ट्रेंड बना हुआ है।
बैंक निफ्टी (56,607) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,679, 56,902 और 57,264
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,956, 55,732 और 55,371
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : शुक्रवार को बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट (गैप-डाउन ओपनिंग) के बाद रिकवरी आई और यह 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह रिकवरी खास तौर पर मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के पास सपोर्ट मिलने के बाद हुई। चूंकि इंडेक्स पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ है,इसलिए आगे और रिकवरी के लिए लगातार और टिकाऊ तेजी की जरूरत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट-टर्म व मीडियम-टर्म एवरेज दोनों ही नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,RSI थोड़ा बढ़कर 41.05 पर पहुंच गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन से काफी नीचे बना रहा,भले ही लगातार आठ सेशन तक रेड बार बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम की कमजोरी कम हो गई। ये सभी बातें बताती हैं कि सपोर्ट जोन से रिकवरी के बावजूद,मीडियम-टर्म का बड़ा डाउनट्रेंड अभी भी बना हुआ है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
FIIs लगातार चौथे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और 11 सितंबर को ₹930 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,968 करोड़ से ज़्यादा के शेयर खरीदे, जिससे बाज़ार को सहारा मिला।
बाज़ार में उतार-चढ़ाव का इंडीकेटर India VIX, 4.15% बढ़कर 12.285 पर पहुंच गया और अपने 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया,जो बाज़ार में तेजड़ियों के बीच बढ़ती सावधानी का संकेत है। अगर यह 13–14 के ज़ोन के ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 सितंबर को बढ़कर 1.01 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.77 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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