Market cues : 24800 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद,इस दीवार के पार होने पर ही आएगी तेजी
Nifty Trade setup : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,700–24,800 के जोन के नीचे बना रहेगा, तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 24,400–24,300 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। हालांकि,24,800 के ऊपर की कोई टिकाऊ चाल इंडेक्स को 25,000–25,200 के लेवल तक ले जा सकती है
Trade Setup : 7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे
Trade setup for today : निफ्टी सोमवार को चालू वित्त वर्ष का नया स्विंग हाई छूने के बाद पूरे हफ्ते अधिंकांश समय एक दायरे में ही घूमता रहा। अंत में 7 अगस्त को 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। कुल मिलाकर,मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहा। इंडेक्स 7 जुलाई के स्विंग हाई और हाल की रैली के 23.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। साथ ही यह सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर भी टिका रहा। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर कंसोलिडेशन का संकेत देते रहे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार जानकारों का मानना है कि जब तक इंडेक्स 24,700–24,800 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 24,400–24,300 पर सपोर्ट दिख रहा है। हालांकि,अगर इंडेक्स 24,800 के स्तर को पार करता है,तो यह 25,000–25,200 के स्तर तक जा सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,534, 24,508 और 24,467
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,616, 24,641 और 24,682
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपरी शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई और लगातार तीसरे सेशन में मंगलवार की ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही बना रहा। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच दिन के निचले स्तर से कुछ रिकवरी हुई है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया है लेकिन इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा। साथ ही शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज का अपट्रेंड बना रहा। इंडेक्स डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के ऊपर भी बना रहा। यह लाइन पहले रेजिस्टेंस का काम कर रही थी,लेकिन अब सपोर्ट बन गई है। इससे पता चलता है कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद इसमें अंदरूनी मजबूती है।
बैंक निफ्टी (57,746) के लिए अहम लेवल
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,927, 57,999 और 58,117
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,692, 57,619 और 57,501
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441
बैंक निफ्टी भी एक दायरे में ही रहा और डेली टाइमफ्रेम पर एक'बेयरिश कैंडल'बनाई,जिसके ऊपरी हिस्से में थोड़ी सी शैडो थी। इससे पता चलता है कि दायरे में ट्रेडिंग के बावजूद कुछ दबाव था। यहां भी,मोमेंटम इंडिकेटर्स ने शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन का संकेत दिया,जबकि ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहा। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज (EMA) और 200-DMA से ऊपर बना रहा। पूरे हफ्ते क्लोजिंग बेसिस पर 200-DMA ने सपोर्ट का काम किया। पिछले पांच सेशन में से हर एक में यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। इससे पता चलता है कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद इसमें लगातार मजबूती बनी हुई है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX निचले स्तरों और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा और शुक्रवार को 12.16 के स्तर पर बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। इसने लगातार मार्केट में स्थिरता का संकेत दिया और बुल्स को सपोर्ट किया। जब तक VIX 14 के स्तर से नीचे रहेगा, बुल्स के बेहतर स्थिति में बने रहने की संभावना है।
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 अगस्त को पिछले सेशन के 1.04 से गिरकर 0.89 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,लाइफ़ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।