Trade setup for today : 24100-24500 के दायरे से निकलने पर ही साफ होगी बाजार की दिशा, तब तक जारी रहेगा कंसेलीडेशन
Trade setup for today: कुल मिलाकर निफ्टी 50 पिछले एक सप्ताह से 24,100-24,500 के दायरे में ही घूम रहा है। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी इस दायरे को नहीं तोड़ता, तब तक कंसोलीडेशन जारी रह सकता है
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 31, 2024 पर 8:20 AM
Trade Setup : ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 36 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
Nifty Trade setup : 31 अक्टूबर को होने वाली एफएंडओ कॉन्ट्रैक्टों की मंथली एक्सपायरी से पहले बाजार में कंसोलीडेशन कायम रहा है। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद 30 अक्टूबर को निफ्टी में 0.50 फीसदी की गिरावट आई। कुल मिलाकर,निफ्टी पिछले एक हफ्ते से 24,100-24,500 की रेंज में रहा है। जब तक यह ऊपर या नीचे किसी तरफ से इस रेंज को नहीं तोड़ता,कंसोलीडेशन जारी रह सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 24,500 से ऊपर टिकता है को फिर इसमें और तेजी आ सकती है। जबकि 24,100 से नीचे की गिरावट से बिक्री का दबाव बढ़ सकता है। जिसके चलते निफ्टी अगस्त के निचले स्तर 23,900 की ओर फिसल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,309, 24,264 और 24,191
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,455, 24,500 और 24,573
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रजिस्टेंस: 52,106, 52,221, और 52,407
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 51,734, 51,619, और 51,433
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रजिस्टेंस: 52,336, 52,829
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 51,271, 50,276
निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
मंथली बेसिस पर 25,000 की स्ट्राइक पर 1.17 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
24,000 की स्ट्राइक पर 97.24 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी में 51,800 की स्ट्राइक पर 69.47 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
51,800 की स्ट्राइक पर 1.1 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
वोलैटिलिटी में तेज़ी से बढ़त हुई है और ये ढाई महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इससे तेजड़ियों के लिए परेशानी पैदा हो गई है। जब तक वोलैटिलिटी 15 के स्तर से ऊपर बनी रहती है, तब तक सतर्क रहने की ज़रूरत है। फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6.85 प्रतिशत बढ़कर 15.51 के क्लोजिंग लेवल पर पहुंच गया जो 13 अगस्त के बाद सबसे हाई लेवल है।
हाई डिलिवरी ट्रेड
यहां वे स्टॉक दिए गए हैं जिनमें डिलीवरी ट्रेड का सबसे बड़ा हिस्सा देखने को मिला। डिलीवरी का बड़ा हिस्सा स्टॉक में निवेशको (ट्रेडिंग के विपरीत) की रुचि को दर्शाता है।
36 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 36 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
51 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 51 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने को मिली।
49 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 49 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला।
48 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 48 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 अक्टूबर को गिरकर 0.91 पर रहा, जबकि पिछले सत्र में यह 1.02 के स्तर पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में बनाए रखे गए स्टॉक: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, इंडियामार्ट इंटरमेश, पंजाब नेशनल बैंक, आरबीएल बैंक
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: एलएंडटी फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस
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