Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी
Trade setup for today : चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया
Trade setup for today : निफ्टी कल लगातार चौथे सेशन में एक दायरे में ट्रेड करता रहा। 10 अगस्त को यह 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर कंसोलिडेशन फेज के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं। जब तक कि इंडेक्स पिछले बुधवार के 24,500-24,700 के दायरे को किसी भी तरफ मजबूती से तोड़ नहीं देगा, बाजार इसी दायरे में ही रहेगा।
इस रेंज से ऊपर जाने पर निफ्टी 24,800-25,000 तक जा सकता है,जबकि इससे नीचे गिरने पर 24,400-24,300 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। बाजार की नजर मिडिल ईस्ट में हो रही हलचल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी रहनी चाहिए।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा। हालांकि ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।
ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,650–24,700 का जोन इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। उसके बाद 24,800–25,000 पर अगला रेजिस्टेंस होगा। 24,700 के ऊपर टिके रहने से मोमेंटम और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर,24400 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और बड़े सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।
निफ्टी बैंक आउटलुक
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक ही दायरे में बना हुआ है। यह 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और कई ऐसी कैंडलस्टिक बना रहा है जिनसे किसी साफ दिशा का पता नहीं चलता। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भी यह इसी दायरे में ट्रेड करता रहेगा।
टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह 58,100 के ऊपर निकलता है,तो तेजी का दौर फिर से शुरू होने का संकेत मिलेगा और शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की नई रैली की गुंजाइश बन सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि 50-डे EMA अभी 57,100-57,000 के आस-पास है और इससे मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक जारी कंसोलिडेशन के बावजूद तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार रहने की संभावना है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,530, 24,504 और 24,462
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,614, 24,640 और 24,682
निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है,जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता को दिखाता है। असल में,इंडेक्स ने पिछले चार सेशन में 24,500-24,700 के दायरे में अनिश्चितता दिखाने वाली कैंडल बनाई हैं, लेकिन इस प्राइस एक्शन का असर सीमित है क्योंकि यह एक रेंज-बाउंड मूवमेंट में हुआ है। मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है। साथ ही हाल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर बना हुआ है। वहीं,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि नियर टर्म में किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।
बैंक निफ्टी (57,687) के लिए अहम लेवल
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,930, 58,045 और 58,232
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,557, 57,442 और 57,255
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत है। कुल मिलाकर,इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में पिछले मंगलवार की रेंज के अंदर ही ट्रेड कर रहा है। इसलिए,इस पैटर्न का असर सीमित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि नियर टर्म में एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 14-15 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक बाजार में बड़ी अनिश्चितता की संभावना कम है और तेजड़ियों के लिए राहत रहेगी।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
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