Market cues : निफ्टी 23600 के अहम सपोर्ट के करीब, यह लेवल टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Nifty Trade setup : अगर निफ्टी में 23,600 के लेवल से नीचे बड़ी गिरावट आती है तो इसमें 23,500 और 23,400-23,350 के जोन तक और गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि अगर इंडेक्स 23,600 के ऊपर बना रहता है तो 24,000-24,100 के जोन की ओर वापसी की संभावना बढ़ सकती है

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 7:28 AM
Trade Setup : शुक्रवार को दिन भर जबरदस्त बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में 0.2 प्रतिशत की रिकवरी हुई। इससे डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बुलिश कैंडलस्टिक बनी,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं

Trade setup for today : 24 जुलाई को निफ्टी में 0.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह लगातार पांचवें सेशन में भी लाल निशान में बंद हुआ। वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं,जिससे टेक्निकल इंडिकेटर और कमजोर हो गए। सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आने और मोमेंटम इंडिकेटर के कमजोर होने के बाद,निफ्टी 23,600 के अहम सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच गया।

अगर निफ्टी में 23,600 के लेवल से नीचे बड़ी गिरावट आती है तो इसमें 23,500 और 23,400-23,350 के जोन तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि अगर इंडेक्स 23,600 के ऊपर बना रहता है तो 24,000-24,100 के जोन की ओर वापसी की संभावना बढ़ सकती है। निफ्टी 23,600 के अहम सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच रहा है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है और यह 23,500 तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,649, 23,598 और 23,515

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,815, 23,867 और 23,950

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो वाली बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है,जो उतार-चढ़ाव के बीच 23,600 के सपोर्ट लेवल पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,कंसोलिडेशन ब्रेकडाउन के बाद भी'लोअर हाई-लोअर लो'का पैटर्न बना हुआ है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। हालांकि,यह ऊपर की ओर जाने वाली सपोर्ट ट्रेंडलाइन और जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट को बनाए रखने में कामयाब रहा। इस बीच,RSI और गिरकर 42.87 पर आ गया,जिससे बेयरिश क्रॉसओवर बना रहा। जबकि MACD बढ़ते रेड हिस्टोग्राम के साथ ज़ीरो लाइन के करीब आ गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड बेयरिश बना हुआ है।

Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,825, 57,015 और 57,324

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,208, 56,017 और 55,708

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,742, 55,043

शुक्रवार को दिन भर जबरदस्त बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में 0.2 प्रतिशत की रिकवरी हुई। इससे डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बुलिश कैंडलस्टिक बनी,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो (shadows)थीं। यह निचले स्तरों पर मज़बूत खरीदारी आने का संकेत था। इससे बैंक निफ्टी को अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज को फिर से हासिल करने में मदद मिली। हालांकि,इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा और शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड बना रहा।

RSI थोड़ा बढ़कर 45.11 पर पहुंच गया,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से काफी नीचे बना रहा। जबकि MACD बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम के साथ ज़ीरो लाइन की ओर बढ़ता रहा। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि भले ही निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी ने निकट अवधि के सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है, लेकिन बड़ा शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX 24 जुलाई को 4.12% बढ़कर 14.03 पर पहुंच गया,जिससे लगातार तीसरे सेशन में इसमें बढ़त जारी रही। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी ऊपर चला गया है,जिससे तेजड़ियों के बीच सावधानी बढ़ गई है। अगर यह 15 के लेवल से ऊपर जाता है तो तेजड़ियों के लिए बड़ा रिस्क पैदा हो सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जुलाई को बढ़कर 0.89 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.80 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

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