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Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी

निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 37,373.37और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 37,057.34 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 38,213.57 फिर 38,737.73 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 31, 2022 पर 8:59 AM
Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,994.83 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,887.77 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,291.23 फिर 17,480.57 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है

28 जनवरी को फरवरी सीरीज के पहले दिन बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में कामयाब नहीं रहा और निफ्टी 50 दिन के हाई से करीब 270 अंक टूटकर कारोबार के अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। FII की तरफ से लगादार हो रही भारी बिकवाली, बजट के पहले की अनिश्चितता और सतर्कता और कमजोर ग्लोबल संकेत बाजार पर दबाव बनाते दिख रहे हैं। पिछले कारोबारी दिन BSE Sensex 76.71 अंक गिरकर 57,200.23 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty50 इंडेक्स 8.20 फीसदी गिरकर 17,102 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडल बनाया था जो शूटिंग स्टॉर पैटर्न फार्मेशन जैस दिख रहा है। पिछले हफ्ते निफ्टी 3 फीसदी टूटा और इसने वीकली चार्ट पर भी बियरिश कैंडल बनाया।

Chartviewindia के मजहर मोहम्मद का कहना है कि Nifty50 अपर शैडो के साथ शूटिंग स्टॉर जैसा आकार बना लिया है जो इस बात का संकेत है कि 17,373 के इंट्राडे हाई पर एक पुलबैक का प्रयास खत्म हो गया हो सकता है। इसके अलावा 16,836 के हालिया लो से पुलबैक के पिछले तीन सेशन के कोशिश के बावजूद ये अभी भी क्लोजिंग बेसिस पर गिरावट के हाल के दौर की सबसे निचली क्लोजिंग नजर आ रहा है।

उन्होंनें आगे कहा कि अगले कारोबारी सत्रों में अगर निफ्टी 17,077के ऊपर टिके रहने में कामयाब नहीं रहता है तो फिर इसमें नीचे की तरफ 16,836 और फिर उसके बाद 16,604 का स्तर देखने को मिल सकता है जो इसका 200-day मूविंग एवरेज भी है। वहीं, अगर अगले सत्रों में निफ्टी 17,100 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है और 17,373 का स्तर पा लेता है तो फिर 17,600 -16,900 के बीच कंसोलीडेट होता दिखेगा।

चूंकि बाजार अगले दो कारोबारी सत्रों के दौरान बड़े इकोनॉमिक इंवेंट से गुजरेगा इसलिए बाजार कि दशा की निर्धारण में इन इवेंट्स का अहम रोल होगा।

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