Market cues : बाजार अभी कंसोलिडेशन फेज में, निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : Nifty को 24,800 (200-डे EMA) की ओर तेज़ी से ऊपर जाने के लिए,24,500 के स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक बाज़ार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,200 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। जिसके बाद 24,100–24,000 का स्तर दूसरे बड़े सपोर्ट के तौर पर काम करेगा

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 9:27 AM
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Trade Setup : 20 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1000 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे। जबकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹3000 करोड़ के शेयर खरीदे

Trade setup for today : 20 अप्रैल को Nifty 50 में कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिला और 24,400–24,500 के स्तर पर रुकावट आने पर निवेशकों ने मुनाफ़ा-वसूली की और इसके बाद यह मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों ने सतर्क रहना ही बेहतर समझा, क्योंकि मंगलवार को US-Iran के बीच संघर्ष-विराम की समय-सीमा समाप्त होने वाली है, साथ ही Strait of Hormuz को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि बाज़ार अभी कंसोलिडेशन फ़ेज़ में है। इसमें किसी मज़बूत दिशा को लेकर कोई पक्का भरोसा नहीं है। हालांकि,'हायर हाई–हायर लो'का पैटर्न अभी भी बना हुआ है।

Nifty को 24,800 (200-दिन का EMA) की ओर ऊपर जाने के लिए 24,500 के स्तर को निर्णायक रूप से तोड़कर ऊपर निकलना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक बाज़ार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,200 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। जिसके बाद 24,100–24,000 का स्तर दूसरे बड़े सपोर्ट के तौर पर काम करेगा

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,271, 24,214, and 24,123

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,454, 24,510 और 24,602

Nifty 50 ने डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी-छोटी शैडो हैं। यह कंसोलिडेशन का संकेत है। हालांकि,'हायर हाई–हायर लो'का स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है और इंडेक्स मीडियम और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। पिछले कुछ हफ़्तों से 10 और 20 डे के EMA लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। RSI मामूली रूप से बढ़कर 57.24 पर पहुंच गया,जबकि MACD शून्य रेखा से ऊपर चला गया। हालांकि,हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए। यह सब एक हल्के सकारात्मक झुकाव के साथ चल रहे कंसोलीडेशन का संकेत देता है।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,953, 57,125 और 57,403

पिवट प्वाइंट पर आधारित सपोर्ट: 56,396, 56,224 और 55,946

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,387, 54,342

बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी 50 की तरह ही एक कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। इसने फिर से लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज को टेस्ट किया और उन स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग का सामना किया,जो कंसोलिडेशन का संकेत है। हालांकि,यह मिड और शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और पूरी संभावना है कि यह अपने higher high–higher low फॉर्मेशन को जारी रखेगा।

दरअसल,शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (10- और 20-दिन के EMA)में ऊपर की ओर रुझान बना रहा,जबकि RSI थोड़ा बढ़कर 56.11 पर पहुंच गया। MACD एक बुलिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन के ऊपर जाने की कगार पर है,हालाँंकि हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए हैं। यह सब थोड़े से बुलिश रुझान के साथ कंसोलिडेशन का संकेत देते हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1000 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे। जबकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹3000 करोड़ के शेयर खरीदे

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को तीन दिनों की गिरावट के बाद 9.21 प्रतिशत बढ़कर 18.79 पर पहुंच गया। यह US-Iran डील को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाज़ार में तेज़ी लाने वालों के लिए कुछ परेशानी का संकेत है। अगर यह 20 से ऊपर चला जाता है,तो तेजड़ियों को काफ़ी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि,बाज़ार को सही मायने में राहत देने के लिए इसे 15 से नीचे गिरना होगा।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 अप्रैल को बढ़कर 1.13 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.09 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: सम्मान कैपिटल

 

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