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Trading Plan: 24000 के ऊपर बने रहने तक निफ्टी में तेजी की उम्मीद रहेगी कायम, 24500 पर अगला अहम रेजिस्टेंस

Trading Plan: जब तक निफ्टी 24,000 के ऊपर बना रहता है,तब तक 24,200–24,300 के जोन (जो एक तत्काल रेजिस्टेंस है) की ओर बढ़त की संभावना है। इसके बाद 24,500 का लेवल अगले अहम रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर काम करेगा। वहीं दूसरी ओर 23,800 के एक बड़े सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करने की उम्मीद है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 23, 2026 पर 9:18 AM
Trading Plan: 24000 के ऊपर बने रहने तक निफ्टी में तेजी की उम्मीद रहेगी कायम, 24500 पर अगला अहम रेजिस्टेंस
Trading Plan: जय ठक्कर का कहना है कि तेजी के इस दौर में बैंक निफ्टी,निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसमें सबसे पहले रिकवरी आई थी और यह अभी भी मजबूती से ट्रेड कर रहा है

Trading Plan: बाजार में तेजी का दौर जारी रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी 50 अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है और वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX भी नीचे है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के रुख को 'साइडवेज-टू-पॉजिटिव'(सपाट से पॉजिटिव) बता रहे हैं। जब तक निफ्टी 24,000 से ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें 24,200–24,300 के जोन (जो एक तत्काल रेजिस्टेंस है) तक तेजी आ सकती है। इसके बाद 24,500 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर सामने आएगा। निचले स्तर पर 23,800 के अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करने की उम्मीद है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500–59,000 के जोन की ओर बढ़ने के लिए 58,000 के ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,इंडेक्स के लिए सपोर्ट 57,000–56,800 की रेंज में है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स और क्वांट रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट और हेड जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इसे एक बार फिर 24,200 के लेवल के पास सप्लाई का सामना करना पड़ा,जो शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। हाल ही में,इंडेक्स 23,800 के लेवल से पलटा और अब 24,000 के निशान से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जहां सबसे ज्यादा कुल 'पुट बेस'है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म रेंज 24,000–24,200 के बीच दिख रही है,जबकि महीने की बड़ी रेंज 23,800–24,500 है।

कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इंडिया VIX और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जैसी कई वजहें इस बढ़त को सपोर्ट कर रही हैं। हालांकि,US डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी इक्विटी के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है। इसलिए,उम्मीद है कि मार्केट निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज)में ही रहेगा। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल को पार करता है,तो इसमें 24,500 की ओर और तेजी आ सकती है। वहीं,अगर इंडेक्स इस लेवल को पार नहीं कर पाता है,तो कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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