Trading Plan: Hormuz के फिर से खुलने की उम्मीदों के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे, Nifty 50 और Bank Nifty की तेजी रहेगी जारी
Trading Plan: Nifty 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर (50-डे EMA) की ओर बढ़ सकता है,लेकिन बुल्स को तेजी बनाए रखने के लिए पिछले हफ्ते के हाई (23,860) से ऊपर टिके रहना जरूरी है। तब तक 23600-23500 के सपोर्ट के साथ बाज़ार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
Trading Plan:आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स 53,000–54,400 की रेंज में एक बेस बनाता हुआ दिख रहा है और तेजड़िए इस नजरिए की और पुष्टि के लिए 54,400 के ऊपर ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं
Trading Plan : बहुत ही कम समय के मूविंग एवरेज में तेजी के रुझान और मोमेंटम इंडिकेटर्स से मंदी के रुझान के कमज़ोर पड़ने के संकेतों को देखते हुए,साथ ही स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने की बढ़ती उम्मीदों के बीच तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे गिरने से,Nifty 50 मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 24,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है। हालांकि,तेजी के रुझान को बनाए रखने के लिए पिछले हफ़्ते के हाई (23,860) से ऊपर टिके रहना जरूरी है। तब तक,कंसोलिडेशन जारी रह सकता है,जिसमें 23,600–23,500 का जोन सपोर्ट का काम करेगा।
उधर अगर Bank Nifty शुक्रवार की रैली को आगे बढ़ाता है तो 54,400 का लेवल देखना अहम होगा। क्योंकि इसके ऊपर एक निर्णायक चाल 55,300–55,800 के लेवल तक का रास्ता खोल सकती है। हालांकि,बाजार जानकारों का कहना है कि इसके लिए तत्काल सपोर्ट 53800 पर है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के फाउंडर और एनालिस्ट आदित्य ठुकराल का कहना है कि Nifty 50 के लिए पिछला सेशन एक और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग सेशन रहा, क्योंकि इंडेक्स 23,800–23,860 के रेजिस्टेंस ज़ोन को पार करने में नाकाम रहा। हालांकि,ट्रेंड साइडवेज़ ही बना रहा और इंडेक्स हाल के स्विंग लो और स्विंग हाई लेवल 23,397 और 23,860 के दायरे में ही रहा। बाजार बड़ी खबरों का इंतजार कर रहा है और पिछले दो हफ्तों से उसका रुख भी ऐसा ही रहा है। हालाँकि,इंडेक्स अब स्थिर होता दिख रहा है और बाजार की स्थिति बताने वाले कुछ इंडीकेटरों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
तेजड़ियों के लिए चिंता की बात यह है कि इंडेक्स कई टाइम फ्रेम में अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। हालांकि,बहुत ही कम समय के मूविंग एवरेज (5-DEMA और 9-DEMA) यह संकेत दे रहे हैं कि इंडेक्स ने अपनी पकड़ बनाना शुरू कर दिया है और जल्द ही इसमें शॉर्ट-कवरिंग रैली देखने को मिल सकती है।
किसी भी दिशा में होने वाले बदलाव के शुरुआती संकेत आम तौर पर छोटे टाइम-फ्रेम वाले सिग्नल्स से मिलते हैं और मौजूदा एनालिसिस भी यही बताता है। अब सारे सबूत एक संभावित बुलिश सेटअप की ओर इशारा कर रहे हैं और ट्रेडर्स को लॉन्ग पोजीशन लेने से पहले कीमतों के 23,860 के रेजिस्टेंस लेवल को तोड़कर ऊपर जाने का इंतजार करना चाहिए,ताकि बुलिश प्राइस एक्शन की पुष्टि हो सके। मिड-साइज़ कंपनियों में पैसा लगातार आ रहा है और इस दौर में स्टॉक-स्पेसिफिक ही सबसे अहम रहेगा। जहां तक डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोजीशनिंग की बात है तो शॉर्ट पोजीशन तेजी के कटे हैं जबकि लॉन्ग पोजीशन बढ़ते दिखे हैं।
अहम रेजिस्टेंस: 23,860, 24,000
अहम सपोर्ट: 23,590, 23,460
रणनीति : 23,860 के ऊपर Nifty Futures खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 23,760 पर और लक्ष्य 24,060 पर रखें।
आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स 53,000–54,400 की रेंज में एक बेस बनाता हुआ दिख रहा है और तेजड़िए इस नजरिए की और पुष्टि के लिए 54,400 के ऊपर ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों के दौरान प्राइस एक्शन पॉजिटिव बना रहा है,जिसमें इंडेक्स ने'हायर हाई'और'हायर लो'का ढांचा बनाया है। 5 और 9 डे के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर जाने लगे हैं और कीमतों का इनके ऊपर बने रहना एक अच्छा शॉर्ट टर्म संकेत है। हालांकि, इंडेक्स ने अभी तक डेली टाइम फ्रेम पर अहम EMA को पार नहीं किया है,इसलिए इसे एक 'बड़ा बॉटम' कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसलिए,इस चरण में ट्रेडर्स को लांग टर्म नजरिया अपनाने के बजाय शॉर्ट टर्म मौकों पर फोकस करना चाहिए। डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोजीशनिंग अभी भी बुलिश बनी हुई है,बैंकिंग इंडेक्स में लॉन्ग बिल्ड-अप और ज़ोरदार शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल रही है।
अहम रेजिस्टेंस: 54,400, 54,950
अहम सपोर्ट: 53,850, 53,400
रणनीति: 54,350 के ऊपर Bank Nifty Futures खरीदें, 54,050 पर स्टॉप-लॉस रखें और 54,950 का लक्ष्य रखें।
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