Trading Plan : कच्चे तेल में उबाल से बाजार पर बढ़ा दबाव, जानिए आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग की रणनीति
Trading Plan : अगर मंदी के दबाव में निफ्टी गुरुवार के निचले स्तर यानी 23,380 से नीचे चला जाता है तो निफ्टी में 23,300 के सपोर्ट लेवल तक की गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 23,300 के भी नीचे जाने पर इंडेक्स 23,000 की तरफ जा सकता है। हमें इस लवेल पर नजर रखनी चाहिए
Trading Plan : सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी की रिकवरी अभी भी सिर्फ़ एक करेक्शन जैसी है। 23,500 का स्तर अब सपोर्ट से बदलकर एक रेसिस्टेंस बन गया है
Trading Plan : बाज़ार में अभी मंदी का माहौल है। इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़कर $108 प्रति बैरल पर पहुच गई हैं। US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रही है,जिसका असर शॉर्ट टर्म में बाज़ार पर पड़ सकता है। अगर मंदी के दबाव में निफ्टी गुरुवार के निचले स्तर यानी 23,380 से नीचे चला जाता है तो निफ्टी में 23,300 के सपोर्ट लेवल तक की गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 23,300 के भी नीचे जाने पर इंडेक्स 23,000 की तरफ जा सकता है। हमें इस लवेल पर नजर रखनी चाहिए। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन बनी हुई है।
इसी तरह अगर बैंक निफ्टी पिछले दिन के 56,232 के निचले स्तर को बचाए रखने में नाकाम रहता है तो यह 56,000 का लेवल टूट सकता है और इसके बाद 55,500-55,400 के जोन की तरफ गिरावट आ सकती है। जानकारों का कहना है कि ऊपर की तरफ, 56,500-56,800 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।
निफ़्टी आउटलुक और रणनीति
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी की रिकवरी अभी भी सिर्फ़ एक करेक्शन जैसी है। 23,500 का स्तर अब सपोर्ट से बदलकर एक रेसिस्टेंस बन गया है। इंडेक्स अभी भी 23,775 के आस-पास अपने गिरते हुए 10-DEMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है। RSI 28.94 पर है,जो काफ़ी ज़्यादा ओवरसोल्ड पोजीशन और अपने 39.97 के औसत से नीचे है। इससे शॉर्ट कवरिंग की गुंजाइश तो बनती है,लेकिन अभी ट्रेंड बदलने (रिवर्सल) की पुष्टि नहीं हुई है।
डेरिवेटिव्स आंकड़ों से सतर्कता के संकेत मिले हैं। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 0.64 पर है और 23,500–24,000 के आसपास भारी कॉल पोजीशनिंग है, जिससे ऊपर की ओर बढ़त सीमित हो रही है। 23,400–23,450 के पास पुट सपोर्ट अहम है।
कुल मिलाकर,23,500 के नीचे सेल-ऑन-राइज की रणनीति बेहतर रहेगी। जबकि 23,441 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,300 की ओर गिर सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 23,580, 23,670, 23,790
अहम सपोर्ट: 23,400, 23,270, 23,050
स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 15 सितंबर की एक्सपायरी के लिए 'बेयर कॉल स्प्रेड' स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत,वे 23,300 CE का एक लॉट 198 रुपये में बेच सकते हैं और 23,500 CE का एक लॉट 78 रुपये में खरीद सकते हैं। यह सेटअप बाजार में संभावित गिरावट का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।
स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी को सख्ती से अपनाएं और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹5,209 तय करें।
टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े का लक्ष्य ₹7,790 रखें। साथ ही जब MTM मुनाफ़ा ₹5,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।
बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति
धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में फंसा हुआ है और ऊपरी स्तरों के पास रिकवरी की कोशिशों में बार-बार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। 57,570–57,750 का ज़ोन एक अहम सप्लाई एरिया के तौर पर उभरा है। इस रेंज के ऊपर बने रहने पर ही 58,025–58,268 के स्तरों की ओर आगे बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है।
डेरिवेटिव्स आंकड़ों से भी इंडेक्स के सीमित दायरे में रहने के संकेत मिल रहे है। पुट राइटर 57,000 के स्तर को बचाए हुए हैं,जबकि कॉल राइटर 57,500–58,000 के स्तर पर एक्टिव हैं,जिससे ऊपर जाने की कोशिशें सफल नहीं हो रही हैं।
कुल मिलाकर,मार्केट का रुख न्यूट्रल और रेंजबाउंड बना हुआ है। 57,750 के ऊपर का ब्रेकआउट तेज़ी को मज़बूत करेगा,जबकि 57,027 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं दिखता,तब तक इस दायरे के भीतर होने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे भागने के बजाय इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपनाना बेहतर है।
अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020
अहम सपोर्ट: 56,200, 56,000, 55,800
स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स में 56,550–56,500 के ज़ोन के नीचे जाने पर शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,800 पर सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। नीचे की तरफ,प्रॉफिट-बुकिंग के लिए 56,200–56,100 की रेंज तय की गई है।
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