Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?
Trading Plan: निफ्टी को 24,500-24,600 के स्तर तक ऊपर जाने के लिए बुधवार के'बेयरिश गैप'को भरना होगा और उसके ऊपर बने रहना होगा। तब तक,मौजूदा कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है,जिसमें 24,000 पर तुरंत सपोर्ट मिलेगा। 23,800 के स्तर पर अगला बड़ा सपोर्ट दिख रहा है
Trading Plan: राजेश पालविया का कहना है कि वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई है,जो मार्केट में अनिश्चितता को दिखाती है
Trading Plan : पिछले दो सेशन में देखने को मिली अच्छी रिकवरी के बावजूद,निफ्टी लॉन्ग बेयरिश कैंडलस्टिक के दायरे में और पिछले बुधवार को बने बेयरिश गैप के नीचे ही बना रहा। इसलिए,जब तक इंडेक्स बेयरिश गैप को भर नहीं लेता और उसके ऊपर टिक नहीं जाता और साथ ही US-ईरान तनाव कम होने से तेल की कीमतें नीचे नहीं आ जातीं, तब तक मौजूदा कंसोलिडेशन और सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड ट्रेड) के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 पर त्तकाल सपोर्ट और उसके बाद 23,800 पर अगला बड़ा सपोर्ट देखने को मिल सकता है। अगर निफ्टी 24,400 के लेवल से ऊपर जाकर मजबूती दिखाता है तो अपट्रेंड के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
उधर बैंक निफ्टी में और तेजी की पुष्टि के लिए 58,600-58,700 के जोन से ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें 57,500-57,300 के जोन में तत्काल सपोर्ट और उसके बाद 56,500 पर अगला अहम सपोर्ट दिख रहा है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
एक्सिस सिक्योरिटीज में रिसर्च हेड राजेश पालविया का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव रहा,क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर टूटने से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और ब्रेंट क्रूड की कीमत $80 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। उतार-चढ़ाव के बावजूद,हफ्ते के आखिर में इंडेक्स 64 अंक गिरकर बंद हुआ। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक छोटी 'बेयरिश कैंडल' बनाई, जिसके दोनों तरफ लंबी शैडो (परछाई) थीं। यह मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव और दुविधा की स्थिति को दिखाता है।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो पिछले हफ्ते के 24,521 के हाई से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 24,750 की ओर जा सकता है। यह लेवल फरवरी-अप्रैल 2026 की गिरावट के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के बराबर है। इसके बाद 24,846 पर स्थित 200-डे SMA अगला अहम लेवल होगा। नीचे की तरफ, 24,000 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस लेवल के नीचे जाने पर 23,817-23,650 का बुलिश गैप जोन दोबारा टेस्ट हो सकता है।
वीकली RSI अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना हुआ है,जो दिखाता है कि मार्केट का ओवरऑल रुख पॉजिटिव है। हालांकि,अमेरिका-ईरान विवाद और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव ही आने वाले समय में मार्केट की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे।
अहम रेजिस्टेंस: 24,250, 24,400
अहम सपोर्ट: 24,100, 23,900
स्ट्रेटेजी: 24,080 के आसपास निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,950 रखें और 24,250–24,350 के जोन का टारगेट सेट करें।
राजेश पालविया का कहना है कि वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई है,जो मार्केट में अनिश्चितता को दिखाती है। 58,500 और 57,000 के बीच चल रहा कंसोलिडेशन यह बताता है कि इंडेक्स अपनी अगली चाल के लिए किसी मजबूत ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। तकनीकी तौर पर अगर इंडेक्स 58,500 के ऊपर बना रहता है, तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।
तकनीकी तौर पर अगर बैंक निफ्टी 58,500 के ऊपर बना रहता है तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 58,350, 58,550
अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500
रणनीति: 57,850 के आसपास बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,600 पर स्टॉप-लॉस और 58,200–58,400 के जोन का टारगेट रखें।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।