Market outlook : कोटक महिंद्रा AMC के MD नीलेश शाह ने मार्केट आउटलुक पर चर्चा की। इस दौरान नीलेश शाह ने कहा कि अभी इकोनॉमी पर ट्रंप टैरिफ का असर जारी रहेगा। भारत को दूसरे देशों से ट्रेड विकल्प तलाशने होंगे। ट्रंप टैरिफ मामला जल्द सुलझा तो ग्रोथ और बढ़ेगी। 7.8 की ग्रोथ रेट काफी अच्छा रहा है। लेकिन हमारी नॉमिनल ग्रोथ रेट काफी कम रही है। हमें यूएस टैरिफ से निपटने के रास्ते निकालने होंगे। फिलहाल मार्केट ये मान के चल रहा है कि टैरिफ कुछ समय की बात है। लेकिन अगर ये टैरिफ लंबा चलता है, अगर यूरोपियन देश भी इसमें शामिल होते हैं तब मार्केट को थोड़ा झटका लग सकता है।
बैंकिंग शेयरों पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि प्राइवेट बैंक के फंडामेंटल्स इस समय कमजोर दिख रहे हैं। इनमें एफआईआई की तरफ से भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बैंकों में बिकवाली करके आईपीओ में थोड़ बहुत खरीदारी हो रही है। दूसरे ब्याज दरों में जब भी कटौती होती बैंको को अपने लेंडिग रेट में एडजस्टमेंट करना होता है। डिपॉजिट रेट को एडजस्ट होने में थोड़ा समय लगता है। ऐसे में उम्मीद है कि आगे आने वाले कुछ समय में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर कुछ दबाव देखने को मिलेगा। इन्हीं वजहों से प्राइवेट बैंकों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
नीलेश शाह पर बात करते हुए नीलेश शाह ने बताया कि वे आईटी शयरों पर कुछ समय से ओवरवेट हैं। आईटी वैल्यूएशन अच्छे लग रहे हैं। लार्ज कैप के मुकाबले मिडकैप आईटी पर ज्यादा फोकस है। उन्होंने ये भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग से जुडे़ शेयरों पर यूएस टैरिफ का ज्यादा असर नहीं होगा। इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग वाले शेयरों में निवेश के मौके हैं।
नीलेश शाह ने आगे कहा कि सेबी का वीकली एक्सपायरी पर सख्ती का फैसला अच्छा है। वीकली को मंथली एक्सपायरी में बदलना अच्छा होगा। एफआईआई ने भारत के मार्केट में काफी अच्छा पैसा बनाया है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।