Tyre Stocks: टायर कंपनियों के शेयरों में 12% तक की भारी तेजी, MRF ने किया दाम बढ़ाने का ऐलान

Tyre Stocks: भारत के सबसे महंगे शेयर, एमआरएफ (MRF) में सोमवार 15 जुलाई को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। कंपनी के शेयरों में इस तेजी के बाद आई कि इसने आगामी 18 जुलाई से अपने टायर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। इस खबर से MRF के अलावा बाकी टायर कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। MRF ने ट्रक टायरों की कीमतों में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है

अपडेटेड Jul 15, 2024 पर 1:30 PM
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Tyre Stocks: जेके टायर्स के शेयर 11.2 प्रतिशत बढ़कर 502 रुपये पर कारोबार कर रहे थे

Tyre Stocks: भारत के सबसे महंगे शेयर, एमआरएफ (MRF) में सोमवार 15 जुलाई को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। कंपनी के शेयरों में इस तेजी के बाद आई कि इसने आगामी 18 जुलाई से अपने टायर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। इस खबर से MRF के अलावा बाकी टायर कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। MRF ने ट्रक टायरों की कीमतों में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जबकि पैसेंजर कार टायरों और रेडियल टायरों की कीमतों में 3 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहनों के टायरों की कीमत में अभी तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

NSE पर सुबह 10.55 बजे के करीब, MRF के शेयर 2.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,33,243 रुपये पर कारोबार कर थे। बाकी टायर कंपनियों के शेयरों में भी शुरुआत कारोबार में तेजी देखी गई।

सीएट (CEAT) के शेयर 5.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,775 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) 5.1 प्रतिशत बढ़कर 545 रुपये पर पहुंच गया, जबकि जेके टायर्स (JK Tyres) 11.2 प्रतिशत बढ़कर 502 रुपये पर पहुंच गया।


इससे पहले मार्च में MRF में कुछ कैटेगरीज के दाम में मामूली कटौती की थी। हालांकि टायर कंपनियों की लागत में आई बढ़ोतरी को देखते हुए, कीमतों में यह बढ़ोतरी अभी भी कम है। अपोलो टायर्स, CEAT और JK टायर्स पहले ही अपने टायरों के दाम में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है। इनके बाद ही MRF ने भी कीमतें बढ़ाने का फैसला किया।

जून की शुरुआत में घरेलू ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने कहा था कि उसे जेके टायर्स के लिए कई अनुकूल परिस्थितियां दिख रही हैं। ट्रक इंडस्ट्री के फंडामेंटल्स और सेंटीमेंट अच्छे हैं।इनका यूटिलाइजेशन स्तर भी ऊंचा है और माल ढुलाई की दरें भी स्थिर बनी हुई हैं।

इसके अलावा, कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री के वित्त वर्ष 2026 से एक अपसाइकल में प्रवेश करने की संभावना है, जबकि भारतीय टायर कंपनियां MNC के साथ अपने अंतर को कम कर रही हैं। ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि अगर कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो टायर कंपनियों की ओर से दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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