Unisem Agritech IPO Listing: फ्लैट एंट्री के बाद ₹65 का शेयर धड़ाम, फूलों-सब्जियों की बीज कंपनी नहीं उगा पाई मुनाफा

Unisem Agritech IPO Listing: यूनीसेम एग्रीटेक सब्जियों, फूलों और खेतों की फसलों के बीज तैयार करके बेचती है। पैदावार बढ़ाने और बेहतर क्वालिटी के लिए यह हाइब्रिड बीज भी तैयार करती है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 4:57 PM
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Unisem Agritech IPO Listing: यूनीसेम एग्रीटेक का ₹21.45 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10-12 दिसंबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Unisem Agritech IPO Listing: फलों, सब्जियों और खेतिहर फसलों के हाइब्रिड बीज तैयार करने वाली के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 2 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹65 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹65 पर ही एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन (Unisem Agritech Listing Gain) नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹63.00 (Unisem Agritech Share Price) पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 3.08% घाटे में हैं।

Unisem Agritech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

यूनीसेम एग्रीटेक का ₹21.45 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10-12 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.79 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.78 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.28 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹5 की फेस वैल्यू वाले 33 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5.75 करोड़ बैंकिंग फैसिलिटीज के रीपेमेंट, ₹11.06 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।


Unisem Agritech के बारे में

सितंबर 2016 में बनी यूनीसेम एग्रीटेक सब्जियों, फूलों और खेतों की फसलों के बीज तैयार करके बेचती है। पैदावार बढ़ाने और बेहतर क्वालिटी के लिए यह हाइब्रिड बीज भी तैयार करती है। बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए कंपनी बीज तैयार करने वालों के साथ एग्रीमेंट करती है और यह उन पर नजर भी रखती है। बीज तैयार होने के बाद इसके क्वालिटी की सख्ती से जांच होती है और फिर इनकी कर्नाटक के रनेबेन्नूर में स्थित कंपनी की फैसिलिटी में प्रोसेसिंग होती है जिसे बाद में पैक करके डीलर्स के पास भेजा जाता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.32 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.15 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹4.27 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 21% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹69.08 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹3.50 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.34 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹25.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.08 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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