UPL board meet: 20 नवंबर को होगी यूपीएल बोर्ड की बैठक, राइट्स इश्यू की कीमत, पात्रता और तारीखें होंगी तय

यूपीएल लिमिटेड का बोर्ड अपने 400 मिलियन डॉलर के राइट्स इश्यू को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है। कंपनी हाल के वित्तीय दबावों के बावजूद मार्जिन में सुधार का लक्ष्य लेकर चल रही है

अपडेटेड Nov 15, 2024 पर 11:50 AM
UPL share price : वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में यूपीएल ने 443 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में हुए 189 करोड़ रुपये के घाटे से दोगुना है। कंपनी के आय में सालाना आधार पर 9 फीसदी की बढ़त हुई

एग्रोकेमिकल सेक्टर की दिग्गज कंपनी यूपीएल लिमिटेड का बोर्ड 20 नवंबर को कंपनी के राइट्स इश्यू की बारीकियों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगा। बैठक में इश्यू प्राइस, भुगतान शर्तें, पात्रता अनुपात, रिकॉर्ड तिथि और ऑफर के समय पर निर्णय लिया जाएगा।

यूपीएल के बोर्ड ने पिछले साल दिसंबर में राइट्स इश्यू के जरिए 4,200 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दी थी। दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करते समय कंपनी ने बताया था कि उसने राइट्स इश्यू का आकार पहले के प्रस्तावित 500 मिलियन डॉलर से घटाकर 400 मिलियन डॉलर कर दिया है। हालांकि,इस बदलाव पर नियामक मंजूरी अभी तक नहीं मिली है।

सेबी ने हाल ही में राइट इश्यू प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के चलते बोर्ड की मंजूरी के 23 दिनों के भीतर राइट इश्यू की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी जो कि पहले के औसत 317 दिनों से काफी कम है।


वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में यूपीएल ने 443 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में हुए 189 करोड़ रुपये के घाटे से दोगुना है। कंपनी के आय में सालाना आधार पर 9 फीसदी की बढ़त हुई और यह 11,090 करोड़ रुपये पर रही है। वॉल्यूम में 16 फीसदी की बढ़त के कारण आय में मजबूत बढ़त हुई।

हाई रेवेन्यू के बावजूद मुनाफे पर दबाव दिखा है। कॉन्ट्रीब्यूशन मार्जिन 220 बेसिस प्वाइंट घटकर 37.7 फीसदी रह गया है। इसकी मुख्य वजह क्रॉप प्रोटेक्शन में प्राइसिंग पर बना दबाव रहा। EBITDA 1,576 करोड़ रुपये पर स्टेबल। हालांकि EBITDA मार्जिन 130 बेसिस प्वाइंट घटकर 14.2 फीसदी रह गया।

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फिलिप कैपिटल ने यूपीएल की मजबूत वॉल्यूम को पसंद किया है। लेकिन उसको कंपनी की हाई इन्वेंट्री,कीमत से जुड़ी चुनौतियों और प्रमुख बाजारों में कमजोर मांग जैसी चुनौतियों से चिंता है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज भी स्टॉक को लेकर सतर्क रहने के पक्ष में है। यूपीएल के टारगेट को 430 रुपये तक बढ़ाने के बावजूद उसने "सेल" रेटिंग बनाए रखी है।

 

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