सरकार एक बार फिर से फर्टिलाइजर सेक्टर पर मेहरबान होती हुई नजर आ रही है। सरकार ने फर्टिलाइजर सेक्टर को राहत प्रदान करने का मन बनाया है। इसके लिए सरकार फर्टिलाइजर सेक्टर के लिए नेचुरल गैस पर VAT घटाने पर विचार कर रही है। सरकार ने नैचुरल गैस पर VAT घटाने की सिफारिश की है। इसके तहत एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमीशन ने VAT कटौती का सुझाव दिया है। सीएनबीसी-आवाज़ के एक्सक्लूसिव सूत्रों से जानकारी मिली है कि एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमीशन ने फर्टिलाइजर के नेचुरल गैस पर VAT घटाने को कहा है।
इस खबर को और विस्तार से बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि सूत्र बता रहे हैं कि VAT घटाने के लिए फर्टिलाइजर मंत्रालय राज्य सरकारों को चिट्ठी भी लिखने वाला है। इसमें राज्य सरकारों से कहा जायेगा कि वे फर्टिलाइजर सेक्टर को दी जाने वाली नेचुरल गैस पर VAT को समाप्त करें या तो इसमें कटौती करें।
लक्ष्मण ने आगे कहा कि राज्यों में फर्टिलाइजर के लिए नेचुरल गैस पर अलग-अलग VAT लगता है। ये VAT शुल्क 3% से 24.5% के बीच होता है। पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां फर्टिलाइजर को दिये जाने वाले नेचुरल गैस पर ज्यादा वैट लगता है जबकि बाकी इंडस्ट्री को इसके मुकाबले कम वैट देना होता है। ऐसे राज्यों को खास तौर पर अनुरोध किया जायेगा कि वे वैट को कम करें। इसकी वजह ये है कि वैट कम होगा तो फर्टिलाइजर सब्सिडी भी कम होगी।
फर्टिलाइजर जैसे कि यूरिया का उत्पादन करने में नेचुरल गैस का 80 प्रतिशत योगदान होता है। कच्चे माल के रूप में नेचुरल गैस खरीदने पर इस पर सरकार वैट लगाती है। अगर सरकार वैट कम करेगी तो फर्टिलाइजर सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। VAT के कारण सालाना करीब 12,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी देनी पड़ती है।