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मेटल सेक्टर में Vedanta कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की टॉप चॉइस, NALCO और Hindalco में भी जगा भरोसा

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 में Vedanta की फेयर वैल्यू मौजूदा बाजार कीमतों से 49 प्रतिशत, हिंडाल्को की 22 प्रतिशत और NALCO की 17 प्रतिशत ज्यादा होगी। तीनों कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को तेजी है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 16, 2026 पर 1:00 PM
मेटल सेक्टर में Vedanta कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की टॉप चॉइस, NALCO और Hindalco में भी जगा भरोसा
मेटल सेक्टर में ब्रोकरेज की पसंद का क्रम इस प्रकार है: सबसे पहले वेदांता, फिर NALCO और फिर हिंडाल्को।

एल्युमीनियम की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में रुकावटों के चलते कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने मेटल सेक्टर पर अपना नजरिया बदल दिया है। अब वेदांता उसकी टॉप 'बाय' चॉइस बनकर उभरी है। ब्रोकरेज ने नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के लिए रेटिंग को अपग्रेड कर 'रिड्यूस' कर दिया है। इसके पीछे हाल में कीमतों में आए उछाल, कमोडिटी पर नए अनुमान और विदेशी मुद्रा के बदले हुए अनुमानों का हवाला दिया गया है।

एल्युमीनियम की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। पिछले दो हफ्तों में इनमें 7.8 प्रतिशत और कैलेंडर ईयर 2026 में अब तक 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वह भी तब जब पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। कोटक के मुताबिक, बाजार में मांग से जुड़ी चिंताओं से ज्यादा सप्लाई से जुड़ी रुकावटों का असर है। इन रुकावटों में एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (EGA), एल्युमीनियम बहरीन (Alba) जैसी प्रमुख एल्युमीनियम फैसिलिटीज पर हमले और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े लॉजिस्टिक्स जोखिम शामिल हैं।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मध्य पूर्व से उत्पादन कम होने के कारण वैश्विक सप्लाई में कमी आएगी, जिससे आने वाले सालों में एल्युमीनियम की और ज्यादा किल्लत हो जाएगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सप्लाई में कैलेंडर ईयर 2026 में 0.5 mt, 2027 में 0.6 mt और 2028 में 0.8 mt की कमी रहेगी। हालांकि मांग में कुछ नरमी आने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन यह उत्पादन में आई कमी की भरपाई करने के लिए काफी नहीं है।

LME एल्युमीनियम की कीमतों पर नया अनुमान

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