Vedanta Stake Sale: वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड में हिस्सेदारी बिक्री नहीं कर रही है। वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के प्रवक्ता ने CNBC-TV18 को एक आधिकारिक प्रतिक्रिया में वेदांता लिमिटेड में हिस्सेदारी बिक्री के किसी भी प्लान से इनकार किया है। अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज, भारत में लिस्टेड वेदांता की पेरेंट कंपनी है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वेदांता लिमिटेड के प्रमोटर, कंपनी में 2.5% तक हिस्सेदारी बिक्री करने की तैयारी कर रहे हैं।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) भी हाल ही में कह चुके हैं प्रमोटर वेदांता रिसोर्सेज, वेदांता लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने का इरादा रखती है, और इक्विटी डायल्यूशन की कोई योजना नहीं है। 31 मार्च, 2024 तक, वेदांता के प्रमोटर्स के पास कंपनी में 61.95 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
सीएनबीसी टीवी-18 के साथ एक इंटरव्यू में अग्रवाल ने कहा, "इस समय, हमारी हिस्सेदारी को 61.5 प्रतिशत से नीचे लाने की कोई योजना नहीं है।" दिसंबर 2022 में प्रमोटर शेयरहोल्डिंग लगभग 70 प्रतिशत थी। वेदांता के प्रमोटर्स ने इस साल फरवरी में कंपनी में 2615 करोड़ रुपये की इक्विटी हिस्सेदारी बेची। दिसंबर 2023 के आखिर में वेदांता लिमिटेड में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 63.71 प्रतिशत थी।
वेदांता NCD के जरिए जुटाएगी ₹1000 करोड़
वेदांता लिमिटेड नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर के प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये जुटाने वाली है। कंपनी की ओर से हाल ही में शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में कहा गया कि कंपनी के बोर्ड ने 1 लाख रुपये फेस वैल्यू वाले 1 लाख सुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध, रिडीमेबल डिबेंचर जारी करने को मंजूरी दे दी है। एनसीडी बीएसई पर लिस्ट होंगे।
वेदांता रिसोर्सेज अपने ऋण दायित्वों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में
अग्रवाल ने कहा है कि वेदांता रिसोर्सेज का कर्ज आरामदायक स्तर पर बना हुआ है और वेदांता रिसोर्सेज अपने ऋण दायित्वों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा, "हमारे पास अच्छा कैश फ्लो और अच्छा डिविडेंड है, जो वेदांता रिसोर्सेज के सभी ऋण भुगतान का ध्यान रखेगा।"