Venus Remedies के शेयरों में आया 3% का उछाल, जानें क्यों उछला ये फार्मा शेयर

Venus Remedies Share Price: कंपनी के मोल्दोवा सरकार से गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद पूर्वी यूरोप में अपनी पहुंच बढ़ा दी है। इससे कंपनी के शेयरों में 3% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वीनस रेमेडीज ने कंपनी के एक बयान में कहा कि इस सर्टिफिकेशन के साथ, अब हम पूर्वी यूरोपीय बाजार में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं

अपडेटेड Dec 31, 2024 पर 3:43 PM
Venus Remedies के शेयर में इस साल अब तक 21% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 428 करोड़ रुपये है

Venus Remedies Share Price: फार्मा कंपनी और इंजेक्टेबल मैन्यूफैक्चरर वीनस रेमेडीज (Venus Remedies) ने मोल्दोवा सरकार (government of Moldova)से गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है। ये प्रमाणपत्र हासिल करने के बाद कंपनी ने पूर्वी यूरोप में अपनी पहुंच बढ़ा दी है। इससे कंपनी के शेयरों में 3% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के शेयर बाजार बंद होने के पहले आखिरी मिनटों में 2.56 प्रतिशत या 7.95 रुपये उछलकर 318 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। आज का इसका डे हाई 328.05 रुपये रहा जबकि इसका डे लो लेवल 306.40 रुपये रहा।

वीनस रेमेडीज़ ने कंपनी के एक बयान में कहा, "इस सर्टिफिकेशन के साथ, अब हम पूर्वी यूरोपीय बाजार में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।" मोल्दोवन स्वास्थ्य मंत्रालय (Moldovan Health Ministry) से मिली मंजूरी वीनस की एंटीबायोटिक-कार्बापेनम फैसिलिटी के लिए है। वीनस रेमेडीज ने कहा कि फैसिलिटी के लिए मिली मंजूरी से इस पूरे क्षेत्र में 'उच्च गुणवत्ता, प्रभावी और विश्वसनीय एंटीबायोटिक दवाओं तक पहुंच' सुनिश्चित होगी। कार्बापेनेम्स ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग संक्रमण के गंभीर मामलों के इलाज के लिए किया जाता है।

इससे पहले दिसंबर में, वीनस रेमेडीज़ फिलीपींस में मार्केटिंग एथॉराइजेशन को सिक्योर करने में भी कामयाब रही थी।


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इस साल अब तक वीनस रेमेडीज के शेयरों में 21% की गिरावट आई है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 428 करोड़ रुपये है।

केंद्र सरकार भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' ('Pharmacy of the World') के रूप में ब्रांड के रूप में मजबूत करना चाहती है। सरकार इसके लिए मैन्यूफैक्चरिंग और निर्यात पर फोकस करते हुए, भारत के फार्मा सेक्टर का आकार 2030 तक मौजूदा 43 अरब डॉलर से बढ़ाकर 120 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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