Vijay Kedia's SMILE Theroy: दिग्गज निवेशक विजय केडिया स्टॉक मार्केट की दुनिया में जाना-माना नाम हैं और उनके कही बात रिटेल इंवेस्टर्स के लिए गोल्डेन टिप्स की तरह है। समय-समय पर खुदरा निवेशकों को खास टिप्स देते रहते हैं और ऐसी ही उनकी एक स्माइल थ्योरी है, जिससे आम लोगों को किस स्टॉक में पैसे लगाएं, इससे चुनने में काफी मदद मिल सकती है। स्माइल थ्योरी के जरिए स्टॉक्स को मल्टीबैगर बनने से पहले पकड़ा जा सकता है, जिससे पोर्टफोलियो भी खिलखिला उठेंगे।
क्या है Vijay Kedia की SMILE थ्योरी
S: स्मॉल इन साइज यानी कि ऐसी कंपनियों में निवेश, जोकि अभी छोटी हो यानी स्मॉल-कैप या माइक्रो-कैप।
M: मीडियम इन एक्सपीरिएंस यानी कि मैनेजमेंट के पास अच्छा-खास अनुभव होना चाहिए।
L: लो डेट यानी कि कंपनी पर कर्ज का भारी-भरकम बोझ नहीं होना चाहिए।
E: एक्स्ट्रा-लॉर्ज मार्केट पोटेंशियल यानी कि कंपनी जिस सेगमेंट या कैटेगरी में है, वह काफी बड़ा होना चाहिए, तभी तो कंपनी को आगे बढ़ने का स्कोप मिलेगा।
मान लीजिए कोई कंपनी आज ₹500 करोड़ की है मतलब कि S।
उसके मैनेजमेंट के पास 10-15 साल का अनुभव है यानी कि M।
प्रमोटर कंपनी का आक्रामक तरीके से विस्तार कर रहा है और कंपनी की कमाई भी बढ़ रही है यानी कि I।
कंपनी का कर्ज भी कंट्रोल में है यानी कि L।
कंपनी जिस सेक्टर में है, उसका पोटेंशियल ₹50 हजार करोड़ है यानी कि ₹500 करोड़ की कंपनी के सामने ₹50 हजार करोड़ का मार्केट है यानी कि E।
क्या है Vijay Kedia के पोर्टफोलियो में
विजय केडिया ने स्टॉक मार्केट में 19 साल की उम्र से निवेश शुरू किया था। वह निवेशकों को लंबे समय तक के लिए निवेश की सलाह देते हैं और अपने पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट के लिए स्माइल थ्योरी पर निर्भर रहते हैं। उनके पोर्टफोलियो की बात करें तो कंपनी की लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग के हिसाब से उनके पास ₹1,319.2 करोड़ के 23 स्टॉक्स हैं, जिनमें अतुल ऑटो, महिंद्रा रिजॉर्ट्स, सियाराम सिल्क मिल्स, सुदर्शन केमिकल, वैभव ग्लोबल, तेजस नेटवर्क्स और यथार्थ हॉस्पिटल हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।