वीआईपी इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में अच्छा नहीं रहा। हालांकि, कंपनी इनवेंट्री घटाने में कामयाब रही है। इसका मार्केट शेयर बढ़ा है। इससे FY24 की दूसरी छमाही बेहतर रहने की उम्मीद है। खासकर चौथी तिमाही कंपनी के लिए अच्छी रह सकती है। लगेज इंडस्ट्री के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर ग्रोथ नहीं दिखी है। हालांकि, वॉल्यूम ग्रोथ साल दर साल आधार पर 18 फीसदी रही है। ई-कॉमर्स सेल्स में शानदार 74 फीसदी ग्रोथ देखने को मिली है।
बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में कामयाब
अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ से कंपनी को सॉफ्ट लगेज की स्लो मूविंग इनवेंट्री घटाने में मदद मिली है। हालांकि, इसका असर एवरेज रियलाइजेशन पर पड़ा है। इससे वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ के बीच का अंतर बढ़ा है। हालांकि, VIP Industries फिर से अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सफल रही है। मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही में भी बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ग्रॉस, मार्जिन फ्लैट रहा। कुल रेवेन्यू में प्रीमियम और मास प्रीमियम कैटेगरी की हिस्सेदारी घटी है। इससे एवरेज सेलिंग प्राइस कम रहा।
तीसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
बांग्लादेश में उत्पादन घटने का असर भी मार्जिन पर पड़ा। लोअर ग्रॉस मार्जिन का असर ऑपरेटिंग मार्जिन पर देखने को मिला। अनसोल्ड इनवेंट्री की वजह से वेयरहाउसिंग कॉस्ट में भी इजाफा देखने को मिला। कंपनी को भरोसा है कि वह तीसरी तिमाही में अपनी इनवेंट्री में बड़ी कमी लाने में कामयाब रहेगी। आम तौर पर तीसरी तिमाही में लगेज इंडस्ट्री का प्रदर्शन बेहतर रहता है। इस दौरान लोग हॉलीडे के लिए निकलते हैं। साथ ही यह शादियों का भी सीजन होता है।
इनवेंट्री घटने पर प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस
कंपनी इनवेंट्री में कमी आने के बाद प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। खासकर वीआईपी ब्रांड पर उसका ज्यादा जोर होगा। कंपनी चौथी तिमाही में 50 फीसदी ग्रॉस मार्जिन और 12 फीसदी ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल करना चाहती है। मैनेजमेंट का कहना है कि प्रीमियम और इकोनॉमी ब्रांड्स के बीच ग्रॉस मार्जिन में करीब 800 बेसिस प्वाइंट्स का फर्क है। हार्ड लगेज का मार्केट बढ़ रहा है, जो कंपनी के लिए पॉजिटिव है।
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क्या आपको निवेश करना चाहिए?
लगेज मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। VIP का इनवेंट्री लेवल ज्यादा है और कंज्यूमर सेंटिमेंट कमजोर है। ऐसे में आगे का रास्ता बहुत आसान नहीं दिख रहा। हालांकि, कोविड के बाद ट्रैवल की अच्छी ग्रोथ बनी हुई है। हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। होटल में ऑक्युपेंसी बढ़ी है। ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर ग्राहकों का ज्यादा फोकस वीआईपी जैसी कंपनियों के लिए फायदेमंद है। इसके बावजूद वीआईपी के शेयरों से मुनाफा कमाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। जो निवेशक ज्यादा रिस्क ले सकते हैं, वे लंबी अवधि के लिहाज से वीआईपी के स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं।