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Vodafone Idea में सरकार का फिलहाल हिस्सेदारी बेचने का प्लान नहीं, कंपनी की सेहत सुधरने के बाद ले सकती है फैसला

वोडाफोन आइडिया अपनी वित्तीय सेहत में सुधार के प्लान पर अमल कर रही है। कंपनी ने अप्रैल में फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) पेश किया था। इसके बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी करीब 33 फीसदी से घटकर 23.8 फीसदी पर आ गई

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 27, 2024 पर 7:10 PM
Vodafone Idea में सरकार का फिलहाल हिस्सेदारी बेचने का प्लान नहीं, कंपनी की सेहत सुधरने के बाद ले सकती है फैसला
Vi ने अप्रैल में रिटेल और संस्थागत निवेशकों से 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।

केंद्र सरकार का वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। कंपनी की स्थिति बेहतर होने के संकेतों के बाद ही सरकार इस बारे में कोई फैसला लेगी। सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार वोडाफोन पर रेगुलेटर के अगले 24,747 करोड़ रुपये के बकाया पर बैंक गारंटी माफ करने की गुजारिश पर भी विचार कर रही है।

कंपनी सेहत में सुधार के प्लान पर काम कर रही है

टेलीकॉम मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, "Vodafone Idea (Vi) को DoT को अपने आंतरिक संसाधन के बारे में बताना होगा और यह भी बताना होगा कि यह कितना बढ़ा है। उसे यह बताना होगा कि वह किस तरह का वित्तीय बोझ उठा सकती है। अब तक उसने फंड जुटाने के बाद अपने ऑपरेशन के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी है।" उन्होंने यह भी बताया कि वोडाफोन आइडिया अपनी हालत में सुधार की स्ट्रेटेजी को लागू करने की शुरुआती अवस्था में है।

सरकार की हिस्सेदारी 33 फीसदी से घटकर 23.8 फीसदी

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