Vodafone Idea Share: वोडाफोन आइडिया के शेयरों को पंख लग गए हैं। इसकी वजह यह है कि कंपनी से जुड़ी अच्छी खबरें लगातार आ रही हैं। 13 मई को कंपनी के शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गई। इसकी वजह वह खबर है, जिसमें कहा गया है कि प्रमोटर कुमार मंगलम बिड़ला कंपनी में नई पूंजी डाल सकते हैं। अभी कंपनी को पूंजी की बेहद जरूरत है।
बिड़ला की 5 साल बाद कंपनी में वापसी
Vodafone Idea का शेयर 13 नई को 12:30 बजे 6.73 फीसदी उछाल के साथ 12.70 रुपये पर चल रहा था। इससे पहले कुमार मंगलम बिड़ला के कंपनी के नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बनने पर शेयरों में तेजी आई थी। करीब पांच साल बाद कंपनी में उनकी वापसी हुई है। कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ने पर उन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था।
11 मई को भी शेयर 8 फीसदी चढ़ा था
11 मई को भी कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसके शेयर चार महीने के हाई लेवल पर पहुंच गया था। इसकी वजह न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट थी, जिसमें कहा गया था कि वोडाफोन आइडिया की पेरेंट कंपनी ब्रिटेन की वोडाफोन पीएलसी अपनी 19 फीसदी हिस्सेदारी अपनी इंडियन सब्सिडियरी को ट्रांसफर करने पर विचार कर रही है। हालांकि, कंपनी ने 12 मई को कहा कि उसे बारे में कोई इंफॉर्मेशन नहीं है।
एक महीने में शेयर करीब 37 फीसदी उछला
इससे पहले वोडाफोन आइडिया को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया मामले में बड़ी राहत मिली थी। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की एक कमेटी ने बकाया अमाउंट 27 फीसदी घटा दिया था। साथ ही उसने बकाया के पेमेंट के लिए कंपनी को काफी समय देने का फैसला लिया। इन पॉजिटिव खबरों का वोडाफोन आइडिया के शेयरों पर पॉजिटिव असर पड़ा है। कंपनी का शेयर एक महीने में करीब 37 फीसदी उछला है।
शेयर में फंसे निवेशक कर सकते हैं एग्जिट
सवाल है कि वोडाफोन के शेयरों को आपको खरीदना चाहिए, बेचना चाहिए या होल्ड करना चाहिए? माार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वोडाफोन का शेयर बीते एक महीने में काफी चढ़ा है। ऐसे में जो इनवेस्टर्स इस शेयर में लंबे समय से फंसे हैं और एग्जिट के मौके का इंतजार कर रहे थे, वे अपने शेयर बेच सकते हैं। नए निवेशक इस शेयर में निवेश कर सकते हैं, लेकिन अभी कंपनी रिकवरी के रास्ते पर है। कंपनी का ऑपरेशंस पटरी पर आने में समय लग सकता है।
रिलायंस जियो और भारती एयरटेल से पिछड़ी कंपनी
वोडाफोन आइडिया एक समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक थी। लेकिन, पिछले कई साल से यह प्रतिद्वंद्वी कंपनियों रिलांयस जियो और भारती एयरटेल से काफी पिछड़ गी हैं। टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने के लिए कंपनी को काफी पैसे की जरूरत है। अभी कंपनी को फंड की सख्त जरूरत है। फंड मिलने पर वह 4जी और 5जी टेलीकॉम इक्विपमेंट खरीदेदी। पिछले कुछ सालों में कंपनी ने बड़ी संख्या में अपने सब्सक्राइबर्स गवाएं हैं। जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर हैं, वे होल्ड कर सकते हैं, लेकिन उनका नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए।
बैंकों से लोन के लिए कंपनी की चल रही बातचीत
वोडाफोन आइडिया एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के एक कंसोर्शियम से लोन के लिए बातचीत कर रही है। बैंकों ने कंपनी के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। अगर कंपनी को बैंकों से करीब 25,000 करोड़ रुपये का लोन मिल जाता है तो उसका ऑपरेशंस पटरी पर आ सकता है। शेयर में भी तेजी आ सकती है। लेकिन, अभी लोन के बारे में पक्के तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।
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