Voda Idea Share Price: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टेलीकॉम सर्विसेज कंपनी वोडा आइडिया की ₹20 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे हाई-बीटा टर्नअराउंड अपॉर्च्यूनिटी यानी अधिक उतार-चढ़ाव वाली लेकिन तेजी से सुधार की संभावना रखने वाली कंपनी बताया है। जेफरीज ने इसके शेयरों का जो टारगेट फिक्स किया है, वह सभी ब्रोकरेजेज के बीच हाइएस्ट है और सिर्फ चौथा खरीदारी की रेटिंग है। इसे कवर करने वाले 22 एनालिस्ट्स में से 10 ने सेल और 8 ने होल्ड रेटिंग दी है।
Voda Idea को लेकर क्या है Jefferies की रिपोर्ट में
जेफरीज का अनुमान है कि वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स की संख्या में आ रही स्थिरता से इसके रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा और यह वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान 11% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। जेफरीज के मुताबिक इसके साथ ही मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज से इसी दौरान 25% कैश EBITDA CAGR हासिल करने और वित्त वर्ष 2031 तक RoCE (रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल) में जबरदस्त सुधार करने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान कंपनी का इंक्रीमेंटल ईबीआईटीडीए मार्जिन लगभह 50% रह सकता है। यह बाकी टेलीकॉम कंपनियों के 60% से अधिक के मार्जिन से कम है और इसकी मुख्य वजह ये है कि इस दौरान कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने और नए नेटवर्क रोलआउट पर खर्च करेगी। जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 के बाद, जब नेटवर्क विस्तार की रफ्तार सामान्य हो जाएगी, तब कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 60% से ऊपर जा सकता है।
वोडाफोन आइडिया को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान लगभग 50% का इंक्रीमेंटल EBITDA मार्जिन हासिल करना चाहिए। यह टेलीकॉम कंपनियों द्वारा देखे जाने वाले 60% से ज़्यादा मार्जिन से कम है, क्योंकि इस दौरान नेटवर्क रोलआउट तेज़ी से हो रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2030 के बाद, जब नेटवर्क रोलआउट सामान्य हो जाएगा, तो मार्जिन 60% से ऊपर चला जाएगा।
जेफरीज के मुताबिक अगले कुछ वर्षों के लिए वोडा आइडिया को करीब ₹25,000 करोड़ का कर्ज जुटाना पर्याप्त होगा, लेकिन वित्त वर्ष 2030 में कंपनी को लगभग ₹16,000 करोड़ की नई इक्विटी कैपिटल जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। इससे सरकार की तरफ से वोडा आइडिया की लगभग ₹15,300 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारी को इक्विटी में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। जेफरीज का मानना है कि यह वित्त वर्ष 2030-2034 के दौरान कंपनी की कैशफ्लो की कमी को पूरा करने के लिए काफी होना चाहिए।
जेफरीज के मुताबिक चूंकि कंपनी ने 2019 से अब तक ₹44,700 करोड़ की इक्विटी जुटाई है, इसलिए बेहतर होते ऑपरेटिंग कैश फ्लो और सरकार से लगातार मिल रहे सपोर्ट के बीच ₹16,000 करोड़ की अतिरिक्त इक्विटी जुटाना मुश्किल नहीं होगा। एक और अहम बात टैरिफ को लेकर है कि वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ोतरी से सबसे अधिक फायदा उठाने वाली कंपनी है, लेकिन जेफरीज का मानना है कि टैरिफ में हर 10% की बढ़ोतरी से टेलीकॉम कंपनी की इक्विटी वैल्यू में लगभग 34% की बढ़त होगी।
वोडा आइडिया के शेयर फिलहाल बीएसई पर 0.45% की गिरावट के साथ ₹15.44 के भाव पर है। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 10 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹7.30 के भाव पर था, जिससे एक साल में यह 116.16% उछलकर 9 सितंबर 2026 को एक कारोबारी दिन पहले एक साल के हाई ₹15.78 पर पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।