Hero Motors IPO: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स आईपीओ ला रही है। इसके ₹1 हजार करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड भी अब फिक्स हो चुका है। निवेशक इस आईपीओ में ₹79-₹84 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत नए शेयर जारी होंगे और साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत अपनी हिस्सेदारी भी हल्की करेंगे। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो फिलहाल इसके शेयरों को लेकर कोई खास हलचल नहीं दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
Hero Motors IPO की खास बातें
हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16 सितंबर को खुलेगा और 18 सितंबर तक इसमें पैसे लगाने का मौका मिलेगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस ₹79-₹84 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 178 शेयरों का है। इस इश्यू के तहत ₹600 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे तो साथ ही ₹400 करोड़ के शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।
इस आईपीओ का 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है तो आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और बाकी 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद 21 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट होगा और फिर जिन्हें शेयर एलॉट होंगे, उनके डीमैट खाते में इसे 22 सितंबर को क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसके बाद मार्केट में शेयरों की 23 सितंबर को एंट्री होगी।
आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स- ओपी मुंजल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स लिमिटेड को मिलेगा। ओपी मुंजल होल्डिंग ₹395 करोड़ के शेयर बेच रहे हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200 करोड़ यूपी के गौतम बुद्ध नगर में स्थित फैसिलिटी की क्षमता बढ़ाने में और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन रीजन की ऑटोमोटिव OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) के लिए प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इसका कारोबार पावरट्रेन सॉल्यूशंस और A&M (एलॉयज एंड मेटलिक्स) सेगमेंट्स में है। इसके बीएमडब्ल्यू, डुकाती और हमिंगबर्ड ईवी जैसे वैश्विक ग्राहकों से भी मजबूत कारोबारी संबंध हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम करीब 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹126.73 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।