28 सितंबर को शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बीच वोडाफोन आइडिया का शेयर भी दिन में 5.6 प्रतिशत तक लुढ़का। BSE पर भाव 13.45 रुपये के लो तक गया। बाद में शेयर 13.47 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1.45 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर में आई तगड़ी गिरावट की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है।
कंपनी ने शुक्रवार, 25 सितंबर को कुछ चुनिंदा पोस्टपेड, प्रीपेड और एंटरप्राइज प्लान्स के साथ फ्री इंटरनेशनल रोमिंग ऑफर का ऐलान किया था। यह ऑफर 501 रुपये से शुरू होने वाले पोस्टपेड प्लान्स, सालाना प्रीपेड अनलिमिटेड डेटा प्लान्स और 451 रुपये से शुरू होने वाले कॉर्पोरेट प्लान्स (एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए) के लिए लागू है।
नोमुरा ने वोडाफोन आइडिया के शेयर के लिए 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बेहतर होते ऑपरेटिंग मेट्रिक्स के बीच कंपनी का EBITDA 15 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा।
Vodafone Idea का शेयर एक साल में करीब 70 प्रतिशत चढ़ा
वोडाफोन आइडिया का शेयर 6 महीनों में 50 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह लगभग 70 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 15.78 रुपये और एडजस्टेड लो 7.90 रुपये है।
कुछ दिन पहले खबर आई कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कहा गया कि इस लेंडर ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं। वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है।
जून तिमाही में घाटे में गिरावट
कर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।
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