Warren Buffett: 'जब दूसरे डरें तो लालची बनो...', दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे से जानिए अमीर बनने का गुरुमंत्र

Warren Buffett Wealth Creation: एक आम निवेशक अक्सर उल्टा काम करता है। जब बाजार शिखर पर होता है, तो वह 'FOMO' के चक्कर में सबसे ऊपर खरीदारी करता है। और जब बाजार गिरता है, तो डरकर निचले स्तर पर अपने शेयर बेच देता है। यह एक व्यवहारगत गलती है जो बाजार की किसी भी मंदी से ज्यादा संपत्ति खत्म करती है

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 9:24 AM
वॉरेन बफेट ने इस सिद्धांत को सिर्फ कहा ही नहीं, बल्कि हमेशा जिया भी है

Warren Buffett Investment Advice: दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में शुमार बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष वॉरेन बफे ने अपने सात दशकों के करियर में संयम और अनुशासन के दम पर अरबों डॉलर की संपत्ति बनाई है। 'ओमाहा का जादूगर' (Oracle of Omaha) कहे जाने वाले बफे शेयर बाजार के सबसे जटिल नियमों को बेहद सरल और साधारण शब्दों में समझाने के लिए जाने जाते हैं।

अमीर बनने और शेयर बाजार से वेल्थ क्रिएट करने को लेकर बफे की एक लाइन पूरी दुनिया के निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय है, 'मैं आपको अमीर बनने का तरीका बताता हूं। दरवाजे बंद कर लीजिए। जब दूसरे लोग लालची हो रहे हों, तो आप डरपोक बन जाइए। और जब दूसरे लोग डर रहे हों, तो आप लालची बन जाइए।'

इस एक लाइन का असली मतलब क्या है?


इस प्रसिद्ध कथन का सीधा और सरल अर्थ है, 'भीड़ के उल्टा (Contrarian Strategy) चलना!' जब हर कोई शेयर बाजार में तेजी देखकर अंधाधुंध पैसा लगा रहा हो और शेयर अपने सही मूल्य से बहुत महंगे लग रहे हों, तो सावधान हो जाने में ही समझदारी है।

वहीं जब चारों तरफ डर का माहौल हो, खबरें डराने वाली हों और लोग घबराकर अच्छी कंपनियों के शेयर भी सस्ते में बेच रहे हों, तो यही खरीदारी का सबसे सही मौका होता है।

बफेट ने खुद कैसे किया इस नियम का इस्तेमाल?

वॉरेन बफेट ने इस सिद्धांत को सिर्फ कहा ही नहीं, बल्कि हमेशा जिया भी है। उन्होंने 1986 के अपने लेटर में वॉल स्ट्रीट के अति-उत्साह की चेतावनी दी थी। इसके ठीक कुछ महीनों बाद बाजार में 'ब्लैक मंडे' आ गया।

जब 2008 में पूरी दुनिया की वित्तीय प्रणाली धराशायी हो रही थी और निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए भाग रहे थे, तब बफेट ने खुद अमेरिकी शेयरों में भारी खरीदारी की थी। उन्होंने सही समय पर डर के माहौल में लालच दिखाया और अप्रत्याशित मुनाफा कमाया।

'भीड़ के साथ चलना' क्यों बिगाड़ता है खेल?

शेयर बाजार चरम स्थितियों में भावनाओं से संचालित होता है। डर अच्छे शेयरों को उनकी वास्तविक कीमत से बहुत नीचे ले आता है। वहीं लालच खराब शेयरों को भी बेहद महंगा बना देता है।

एक आम निवेशक अक्सर उल्टा काम करता है। जब बाजार शिखर पर होता है, तो वह 'FOMO' के चक्कर में सबसे ऊपर खरीदारी करता है। और जब बाजार गिरता है, तो डरकर निचले स्तर पर अपने शेयर बेच देता है। यह एक व्यवहारगत गलती है जो बाजार की किसी भी मंदी से ज्यादा संपत्ति नष्ट करती है।

आम निवेशकों के लिए क्या है सीख?

'दरवाजे बंद करो' का सीधा मतलब है कि, 'बाजार के शोर-शराबे और घबराहट से खुद को अलग रखना!' आम निवेशकों को टॉप या बॉटम टाइम करने की जरूरत नहीं है, बल्कि इन 3 बातों का पालन करना चाहिए:

SIP के जरिए अनुशासित रहें: बाजार के मूड की परवाह किए बिना नियमित रूप से म्यूचुअल फंड्स या शेयरों में SIP के जरिए निवेश करते रहें।

मंदी को अवसर समझें: जब बाजार में तेज गिरावट आए, तो डरकर भागने के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों/फंड्स को जोड़ने का मौका समझें।

लंबे समय तक बने रहें: बाजार के डरावने दौर में संयम बनाए रखें और लंबी अवधि के लिए निवेशित रहें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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