पीवीआर-आइनॉक्स के विलय का दोनों कंपनियों के इनवेस्टर्स पर पड़ेगा क्या असर?

विलय के बाद पीवीआर की मौजूदगी 109 शहरों में होगी। इसके 341 प्रॉपर्टीज में कुल 1,546 स्क्रींस हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी ज्यादा स्क्रींस से पीवीआर की मोलभाव की क्षमता बढ़ जाएगी

अपडेटेड Mar 28, 2022 पर 4:28 PM
देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में पीवीआर के ज्यादा मल्टीप्लेक्स हैं। उधर, आइनॉक्स की स्थिति पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में मजबूत है।

पीवीआर लिमिटेड और आइनॉक्स लेजर का विलय होने जा रहा है। ये दोनों देश की बड़ी मल्टीप्लेक्स कंपनियां हैं। इस खबर से सोमवार को दोनों मल्टीप्लेक्स कंपनियों के शेयरों में उछाल आया। सुबह 10 बजे पीवीआर लिमिटेड का शेयर 7.27 फीसदी चढ़कर 1,954 रुपये पर पहुंच गया। आइनॉक्स के शेयर का प्राइस 15.40 फीसदी उछाल के साथ 541 रुपये पर चल रहा था।

हालांकि, दोपहर बाद शेयर ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। पीवीआर का शेयर 3.53 फीसदी चढ़कर 1886 रुपये पर बंद हुआ। आइनॉक्स का शेयर 11.75 फीसदी के उछाल के साथ कारोबार के अंत में 524.90 रुपये पर रहा।

क्या है स्वाप रेशियो?

स्वाप रेशियो से तय हो गया है कि पीवीआर में आइनॉक्स का विलय होगा। आइनॉक्स के के हर 10 शेयर के एवज में इनवेस्टर्स को पीवीआर के 3 शेयर मिलेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वाप रेशियो आइनॉक्स के इनवेस्टर्स के पक्ष में थोड़ा झुका हुआ है। इसकी वजह यह हो सकती है कि आइनॉक्स पर कोई कर्ज नहीं है, जबकि पीवीआर पर 857 करोड़ रुपये का कर्ज है। यही वजह है कि विलय की खबर से आइनॉक्स के शेयर में ज्यादा उछाल आया।


यह भी पढ़ें : RBI अप्रैल में नहीं देगा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का झटका, Axis Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट का अनुमान

दोनों कंपनियों को फायदा

देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में पीवीआर के ज्यादा मल्टीप्लेक्स हैं। उधर, आइनॉक्स की स्थिति पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में मजबूत है। इस तरह विलय के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में पीवीआर की पैठ होगी। अभी देश के 73 शहरों में पीवीआर की 181 प्रॉपर्टीज और 871 स्क्रींस हैं। आइनॉक्स के 72 शहरों में 160 प्रॉपर्टीज में 675 स्क्रींस हैं।

कितने शहरों में होगी मौजूदगी?

विलय के बाद पीवीआर की मौजूदगी 109 शहरों में होगी। इसके 341 प्रॉपर्टीज में कुल 1,546 स्क्रींस हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी ज्यादा स्क्रींस से पीवीआर की मोलभाव की क्षमता बढ़ जाएगी। वह रियल एस्टेट डेवलपर्स, कंटेंट प्रोड्यूसर्स और टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ अपनी शर्तों पर डील कर सकेगी।

कैसा दिख रहा फ्यूचर?

देश में अब भी सिंगल स्क्रीन सिनेमा ज्यादा हैं। करीब 70 फीसदी मार्केट हिस्सा इनके पास है। लेकिन, सिंगल स्क्रीन थिएटर का चलन तेजी से खत्म हो रहा है। ये तेजी से बंद हो रहे हैं। उधर, 2,700 स्क्रीन के साथ मल्टीप्लेक्स तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन के मुकाबले इंडिया में मल्टीप्लेक्स की संख्या बहुत कम है। अब भी मल्टीप्लेक्स कंपनियां छोटे शहरों में नहीं पहुंची हैं। यह बाजार उनके लिए पूरी तरह से खुला हुआ है।

क्या है एनालिस्ट्स की राय?

विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएस को विलय से पहले दोनों कंपनियों के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने दोनों कंपनियों के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। निर्मल बंग ने भी पीवीआर और आइनॉक्स के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने पीवीआर के शेयर के लिए 2,383 रुपये और आइनॉक्स के लिए 594 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।