इस बार के बजट की क्या होगी थीम, जानें किन सेक्टर्स पर रहेगा वित्त मंत्री का फोकस

Pre-Budget Meeting : नीलेश शाह ने कहा कि प्री-बजट मीटिंग में वित्तमंत्री से के सामने हमने अपनी राय रखी है। सरकार को आरबीआई से करीब 1 लाख 23 हजार करोड़ का डिविडेंड मिला है। RBI से मिले इस सरप्लस रकम का बेहतर इस्तेमाल होगा। हमारा मानना है कि बजट में इंफ्रा निवेश पर फोकस बना रह सकता है

अपडेटेड Jul 01, 2024 पर 7:22 PM
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Kotak AMC के एमडी एंड सीईओ नीलेश शाह ने कहा कि सरकार द्वारा जन-धन योजना की तरह ही जन निवेश योजना पर विचार किया जाना चाहिए

Pre-Budget Meeting : बाजार के बिग ट्रेंड पर बात करने के लिए आज हमारे सहयोगी चैनल सीएबीसी-आवाज़ के साथ Kotak AMC के MD & CEO नीलेश शाह ने चर्चा की। इनके पास कैपिटल मार्केट में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। नीलेश शाह बाजार की COMPLEX बातों को आसान उदाहरण के जरिए समझाने में माहिर माने जाते हैं। इनके बहुत सारे उदाहरण क्रिकेट की दुनिया से जुड़े रहते हैं। नीलेश आज आवाज़ के साथ तब जुड़े है जब देश एक तरफ वर्ल्ड चैंपियन बनने का जश्न मना रहा है और दूसरी तरफ बजट की तैयारियां चल रही हैं। नीलेश ने बात करते समय कहा कि अबकी बार के बजट में इंफ्रा निवेश पर फोकस रह सकता है।

अबकी बार बजट की थीम क्या रहेगी?

इसके जवाब में नीलेश शाह ने कहा कि प्री-बजट मीटिंग में वित्तमंत्री से हमारी चर्चा हुई है। प्री-बजट बैठक में हमने अपनी राय रखी है। हमारा मानना है कि बजट में इंफ्रा निवेश पर फोकस रह सकता है। सरकार को आरबीआई से करीब 1 लाख 23 हजार करोड़ का डिविडेंड मिला है। RBI से मिले इस सरप्लस रकम का बेहतर इस्तेमाल होगा। हमारा मानना है कि सरकार इलेक्शन के पहले की तरह ही इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर अपना जोर बनाये रखेगी।


सेबी की निगरानी में म्यूचुअल फंड के बारे में लोगों को किया जाए जागरूक

नीलेश शाह ने कहा कि इसके लिए हमने बैठक में अपना सुझाव दिया कि मार्केट रेगुलेटर सेबी की निगरानी में लोगों को म्यूचुअल फंड के बारे में समझाना चाहिए। MF से जुड़ी जानकारी को उचित तरीके से निवेशकों को समझाना जरूरी है। फिर भी उन्होंने कहा कि MF इंडस्ट्री में SEBI की निगरानी अहम है। सेबी की निगरानी में निवेशकों को आसान भाषा में निवेश के बारे में समझाने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए।

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जन-धन योजना की तरह ही जन निवेश योजना पर हो विचार

नीलेश शाह ने आगे कहा कि आरबीआई ने साल 2021 से 2023 के लिए एक रिपोर्ट निकाली है। इसके आंकड़े बताते हैं कि इसमें लोगों ने शेयर बाजार की जगह अन्य विकल्पों पर ज्यादा निवेश किया है। जबकि 2021 से 23 के बीच भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी का आलम रहा है। इसलिए हमारा मानना है कि म्यूचुअल फंड में निवेश के बारे में लोगों में जागरूकता लानी चाहिए। इसके जरिए लोगों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी। इससे उनका पैसा करेंसी की जगह म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस जैसे अन्य निवेश साधनों में उपयोग हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने वित्तमंत्री से गुजारिश की है कि जैसे जनधन योजना के तहत सरकार ने हर नागरिक का बैंक अकाउंट खुलवाया, वैसा ही कुछ उन्हें जन निवेश के बारे में कदम उठाना चाहिए। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा में इजाफा होगा।

IT और केमिकल सेक्टर पर रहेगा फोकस

निवेशकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में सही रणनीति और समझ के साथ निवेश करना चाहिए। किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। निवेशकों को सतर्क रहकर कदम उठाना चाहिए। मैं जोर देकर कहना चाहूंगा कि पिछले 2 साल जैसे रिटर्न आगे नहीं मिलने के आसार हैं। सेक्टर के लिहाज से हमें IT और केमिकल सेक्टर पसंद हैं। यहां पर हमारा फोकस रहेगा।

(डिस्क्लोजर: Moneycontrol.com नेटवर्क 18 का हिस्सा है। नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

 

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