Market Crash: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में हाहाकार! निवेशकों के डूबे ₹4 लाख करोड़

Stock Market Crash Today: बीते दो दिनों में FIIs की ₹20,128 करोड़ की ताबड़तोड़ बिकवाली से आज शेयर बाजार क्रैश हो गया। दोपहर 2 बजे तक सेंसेक्स 1,046 अंक टूटकर 71,433 पर और निफ्टी 364 अंक गिरकर 22,255 के स्तर पर आ गया। ऑटो शेयरों में भारी गिरावट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और इंडिया विक्स में उछाल ने बिकवाली को और हवा दी। मंदी के इस माहौल में आगे का टेक्निकल आउटलुक जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 2:07 PM
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निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ एक ही झटके में डूब गए

Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव दोपहर 2 बजे तक और गहरा गया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली और ऑटो सेक्टर में मचे हाहाकार के चलते बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक धड़ाम हो गए हैं। बीएसई का सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा की बड़ी गिरावट के साथ 71,433.69 के स्तर पर आ गया है, वहीं एनएसई का निफ्टी-50 भी 364 अंक से अधिक फिसलकर 22,255.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में मची इस तबाही से निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो चुके हैं।

1 ही दिन में डूबे ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा!

बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन भारी गिरावट के साथ नीचे आ गया है। इस चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में से करीब 4 लाख करोड़ रुपये एक ही झटके में स्वाहा हो गए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.36% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.07% तक टूट गया।


बाजार में तबाही के ये है 3 मुख्य वजहें 

1. FIIs की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से जारी लगातार बिकवाली भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा दबाव बनी हुई है। 30 सितंबर को एफआईआई ने अपनी बिकवाली के सिलसिले को लगातार पांचवें सत्र में आगे बढ़ाते हुए भारतीय शेयरों से ₹10,148 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड निकासी की।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, 'पिछले दो कारोबारी दिनों में एफआईआई की बिकवाली काफी तीव्र रही है, जहां उन्होंने कुल ₹20,128 करोड़ के शेयर बेचे हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 5.3% पर पहुंचने के कारण विदेशी निवेशकों की यह बिकवाली आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, इसमें एक दिलचस्प विरोधाभास यह है कि सेकेंडरी मार्केट (एक्सचेंजों) के जरिए बिकवाली करने के बावजूद FIIs प्राइमरी मार्केट (IPOs) में लगातार निवेश कर रहे हैं और महंगे मिड व स्मॉलकैप शेयर खरीद रहे हैं।'

2. रुपये में बड़ी गिरावट और मजबूत होता डॉलर: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी के कारण डॉलर इंडेक्स 3 महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे भारतीय रुपये पर भारी दबाव देखने को मिला। अन्य एशियाई मुद्राओं के साथ तालमेल बिठाते हुए भारतीय रुपया 0.16% की गिरावट के साथ प्रति डॉलर 95.9850 के स्तर पर आ गया (जो 96 के स्तर के करीब बना हुआ है)। मजबूत होता डॉलर विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिका में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

3. 'इंडिया विक्स' में 11% का उछाल और बढ़ता डर: बाजार में निवेशकों की घबराहट और उतार-चढ़ाव को मापने वाला 'फियर गेज' यानी इंडिया विक्स (India VIX) लगभग 11% की बड़ी छलांग लगाकर 15.01 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया विक्स में यह तेज बढ़त दर्शाती है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार में अनिश्चितता और भारी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है, जिससे निवेशकों में सतर्कता और मंदी का डर साफ झलक रहा है।

टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, निफ्टी 50 हल्की गिरावट के साथ 22,544 के पास खुला और पिछले सत्रों की मंदी को आगे बढ़ाते हुए लगातार दबाव में बना हुआ है। इंडेक्स वर्तमान में 22,500–22,550 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन का परीक्षण कर रहा है, जो कम अवधि के तकनीकी ढांचे के लिए बेहद अहम है। अगर निफ्टी 22,500 के स्तर से नीचे लगातार बना रहता है, तो बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है, जिससे इंडेक्स फिसलकर 22,300 के स्तर तक आ सकता है।

ऊपरी स्तर की बात करें तो 22,700–22,800 का दायरा तुरंत मजबूत रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर बाजार 22,800 के ऊपर मजबूती से उबरता है, तो इससे थोड़ी स्थिरता मिल सकती है और निफ्टी 23,000 की ओर बढ़ सकता है, जहां डेरिवेटिव्स के लिहाज से सबसे ज्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट होने के कारण बड़ी रुकावट मौजूद है। आरएसआई (RSI) इंडिकेटर 20 के मध्य में ओवरसोल्ड जोन में है जो मंदी के मोमेंटम को दर्शाता है, हालांकि अत्यधिक ओवरसोल्ड होने के चलते बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें संभव हैं; कुल मिलाकर नियर-टर्म आउटलुक मंदी की ओर ही इशारा कर रहा है।

बाजार का मौजूदा हाल

दोपहर 2 बजे तक शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव काफी बढ़ गया और प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 1,046.60 अंक (1.44%) टूटकर 71,433.69 के स्तर पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 364.50 अंक (1.61%) फिसलकर 22,255.95 पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा बिकवाली ब्रॉडर मार्केट में रही, जहां निफ्टी मिडकैप 100 1,196.10 अंक (2.01%) गिरकर 58,135.95 पर पहुँच गया। बैंकिंग इंडेक्सों में भी मंदी का असर रहा, निफ्टी बैंक 430.25 अंक (0.78%) की गिरावट के साथ 54,202.80 पर और बैंकेक्स 559.52 अंक (0.90%) गिरकर 61,165.73 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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