Stock Market Crash: सेंसेक्स 950 और निफ्टी 315 अंक धड़ाम! इन 4 वजहों से मार्केट में हाहाकार
Share Market Crash: दोपहर बाद बिकवाली तेज होने से शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 950 से ज्यादा अंक टूटकर 71,695 पर आ गया, वहीं निफ्टी 22,300 के नीचे फिसल गया। कच्चे तेल में उबाल, एफआईआई की ताबड़तोड़ बिकवाली और अमेरिकी फेड के सख्त बयानों ने बाजार में अफरा-तफरी मचा दी। जानिए सेंसेक्स-निफ्टी में अचानक आई इस तबाही के 4 बड़े कारण
सेंसेक्स और निफ्टी बिकवाली के दबाव में 1% से ज्यादा टूट गए
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज बिकवाली का दबाव और गहरा गया है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 943.34 अंक (1.3%) की बड़ी गिरावट के साथ 71,695.36 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 315.65 अंक (1.4%) टूटकर 22,287.40 के निचले स्तर पर आ गया। चौतरफा बिकवाली के इस दौर में आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में आ गए, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी 1-1 फीसदी तक नीचे फिसल गए।
कच्चे तेल में उबाल, विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत और आरबीआई के कड़े रुख से निवेशकों की घबराहट अचानक बढ़ गई। आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाजार के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
Paytm, Mobicwik और ITC में भारी गिरावट
पेटीएम और मोबिक्विक दोनों फिनटेक कंपनियों के शेयर 7-7% तक टूट गए। वहीं पाइन लैब्स में 3.1% की गिरावट आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 15 अक्टूबर से लागू होने वाले यूपीआई मर्चेंट फीस (UPI MDR) में देरी की खबरों के चलते इन शेयरों पर दबाव बना है।
आईटीसी के शेयरों में 3% की गिरावट दर्ज की गई। 12 ब्लॉक डील्स के जरिए कंपनी के करीब 44 लाख शेयरों का सौदा डिस्काउंट पर होने के कारण शेयर में यह बिकवाली दिखी।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की ये है 4 बड़ी वजहें कारण
1. कच्चे तेल में भारी तेजी
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और फारस की खाड़ी व होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा चढ़कर $102.2 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड में तेजी से देश में महंगाई और व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को ही FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में ₹6,100 करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की।
3. RBI द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और कड़ा रुख
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी हालिया बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की संभावना खत्म हो गई है और आगे दरें और बढ़ सकती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मिनट्स बैठक के बाद दुनिया भर के बाजारों में मंदी की आशंका गहरी हो गई है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्ग कॉन्ग का हैंगसेंग लाल निशान में बंद हुए। वहीं अमेरिकी वायदा बाजार भी गिरावट का इशारा कर रहे हैं।
टेक्निकल आउटलुक: निफ्टी के लिए आगे क्या हैं संकेत?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, 'कल निफ्टी में 22,574 के स्तर पर कई बार दबाव देखा गया। बाजार अब कोई भी नई दिशा तय करने से पहले कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन के दौर से गुजर सकता है। हालांकि 23,100 से 22,000 का ओवरऑल आउटलुक अभी भी बना हुआ है, लेकिन 22,439 का स्तर अब नीचे की ओर एक अहम मार्कर के रूप में काम करेगा।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।