Stock Market Crash: सेंसेक्स 1045 और निफ्टी 371 अंक धड़ाम, दलाल स्ट्रीट इन 5 वजहों से कोहराम
Share Market Crash: आज 8 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली । सेंसेक्स 1045 अंक टूटकर 71,593 और निफ्टी 371 अंक फिसलकर 22,231 के स्तर पर बंद हुआ। क्रूड ऑयल में $102 के पार तेजी, एफआईआई की भारी बिकवाली और मिडकैप इंडेक्स में 1500 अंकों की तबाही से निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। जानिए सेंसेक्स-निफ्टी में आई इस बड़ी गिरावट की ये 5 मुख्य वजहें
आज की सुनामी में निवेशकों के करीब ₹8 लाख करोड़ डूब गए
Share Market Crash: आज के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली और दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में $102 के पार उछाल, FIIs की चौतरफा बिकवाली और आरबीआई-अमेरिकी फेड के सख्त मौद्रिक संकेतों ने दिनभर बाजार पर गहरा दबाव बनाए रखा। 3:30 बजे सेंसेक्स 1,045.46 अंक (1.43%) की बड़ी गिरावट के साथ 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 371.25 अंक (1.64%) धड़ाम होकर 22,231.80 के स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के अंतिम घंटों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव सबसे तेज रहा, जिसने निवेशकों को करारा झटका दिया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,502.15 अंक (2.52%) टूटकर 57,880.45 और निफ्टी बैंक 540.50 अंक (0.98%) की गिरावट के साथ 54,515.05 के स्तर पर बंद हुआ। मिडकैप में मची इस चौतरफा तबाही के चलते BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में बड़ी गिरावट आई, जिससे निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूब गए।
Paytm, Mobicwik और ITC में भारी गिरावट
पेटीएम और मोबिक्विक दोनों फिनटेक कंपनियों के शेयर 7-7% तक टूट गए। वहीं पाइन लैब्स में 3.1% की गिरावट आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 15 अक्टूबर से लागू होने वाले यूपीआई मर्चेंट फीस (UPI MDR) में देरी की खबरों के चलते इन शेयरों पर दबाव बना है।
आईटीसी के शेयरों में 3% की गिरावट दर्ज की गई। 12 ब्लॉक डील्स के जरिए कंपनी के करीब 44 लाख शेयरों का सौदा डिस्काउंट पर होने के कारण शेयर में यह बिकवाली दिखी।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की ये है 4 बड़ी वजहें कारण
1. कच्चे तेल की कीमतों में उबाल
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.02% बढ़कर $102.2 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे कच्चे तेल के दाम में आग लगी हुई है।
2. FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयरों की लगातार बिकवाली बाजार पर बड़ा दबाव बना रही है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल बुधवार के कारोबारी सत्र में ही FIIs ने भारतीय इक्विटी बाजार से ₹6,100 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे हैं।
3. RBI द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और कड़ा रुख
भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी (MPC) बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% कर दिया गया, जो लगभग 4 वर्षों में पहली बढ़ोतरी है। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है, जिससे निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं खत्म हो गई हैं।
एचएसटी वेल्थ के फाउंडर और सीईओ हरिसेलवन राधाकृष्णन के अनुसार, 'बाजार पर अब केवल आरबीआई के रेट हाइक का ही असर नहीं है, बल्कि घरेलू और वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक कड़े मौद्रिक रुख बने रहने की आशंका से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और विदेशी फंड फ्लो प्रभावित हो रहे हैं।'
4. कमजोर ग्लोबल संकेत और अमेरिकी फेड के संकेत
एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी, जापान का निकेई, शंघाई का SSE और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स में साल के अंत तक एक और रेट हाइक का संकेत मिलने से अमेरिकी बाजार और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी लाल निशान में आ गए।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, 'ऊंचे ट्रेजरी यील्ड और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच आरबीआई के इस कदम से घरेलू वित्तीय परिस्थितियां और सख्त हुई हैं, जिससे निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।'
5. अडानी ग्रुप के शेयरों और सेक्टोरल इंडेक्स में बड़ी गिरावट
निफ्टी 50 में अडानी एंटरप्राइज 8% टूटकर टॉप लूसर रहा, जबकि अडानी पोर्ट्स में 4% से अधिक की गिरावट आई। अडानी ग्रीन एनर्जी करीब 9% तक टूट गया। इसके अलावा अडानी पावर (~6%), अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (>5%) और अडानी टोटल गैस (~3%) भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी मेटल इंडेक्स 3% से ज्यादा टूटकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, वहीं निफ्टी एनर्जी में भी लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई।
डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट फीस लागू करने की तारीख 15 अक्टूबर से आगे टलने की खबरों के बीच पेटीएम और मोबिक्विक 7-7% टूट गए, जबकि पाइन लैब्स 3.1% गिरा। 12 ब्लॉक डील्स के जरिए 44 लाख शेयरों के लेन-देन के बाद आईटीसी (ITC) भी 3% नीचे फिसल गया।
टेक्निकल आउटलुक: निफ्टी के लिए आगे क्या हैं संकेत?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, 'कल निफ्टी में 22,574 के स्तर पर कई बार दबाव देखा गया। बाजार अब कोई भी नई दिशा तय करने से पहले कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन के दौर से गुजर सकता है। हालांकि 23,100 से 22,000 का ओवरऑल आउटलुक अभी भी बना हुआ है, लेकिन 22,439 का स्तर अब नीचे की ओर एक अहम मार्कर के रूप में काम करेगा।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।