Share Market Rally: आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में धुआंधार तेजी का सिलसिला जारी है। सेंसेक्स 1,059.47 अंक (1.42%) की जबरदस्त छलांग के साथ 75,519.00 के नए स्तर पर पहुंच गया है, वहीं निफ्टी 50 भी 294.65 अंक (1.27%) की मजबूती के साथ 23,347.75 के पार ट्रेड कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शानदार नतीजों और बाजार के चौतरफा सपोर्ट से निवेशकों का जोश हाई बना हुआ है।
बाजार में चौतरफा हरियाली: मिडकैप और बैंकिंग शेयरों में भी तूफानी तेजी
बाजार की इस धुआंधार तेजी में हर सेक्टर से शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 614.15 अंक (1.07%) की जोरदार बढ़त के साथ 57,915.40 के स्तर पर पहुंच गया है। बैंकिंग सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी है, जहां निफ्टी बैंक इंडेक्स 279.75 अंक चढ़कर 54,966.70 पर और बीएसई बैंकेक्स 323.70 अंक मजबूत होकर 61,738.95 पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा, निफ्टी आईटी इंडेक्स भी 103.90 अंक की तेजी के साथ 32,710.80 के स्तर पर बना हुआ है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में जोरदार इजाफा हो रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे बाजार के अनुमानों से बेहतर रहने के बाद आज इसके शेयरों में निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है। RIL के शेयर लगभग 5% तक चढ़कर कारोबार कर रहे हैं, जिससे अकेले रिलायंस ने निफ्टी और सेंसेक्स की तेजी में सबसे बड़ा योगदान दिया है।
बाजार में तेजी के 3 प्रमुख कारण
1. रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में जोरदार खरीददारी: कंपनी के दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के रिकॉर्ड नतीजों और विभिन्न ब्रोकरेज हाउस द्वारा दिए गए बुलिश आउटलुक के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 6% का उछाल दर्ज किया गया। RIL निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे बड़ा गेनर और तेजी में सबसे बड़ा योगदानकर्ता साबित हुआ। इसके अलावा, NSE और BSE दोनों ही एक्सचेंज पर यह सबसे ज्यादा एक्टिवली ट्रेडेड स्टॉक बना रहा।
2. क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम शुक्रवार के 6 महीने के उच्च स्तर $118 प्रति बैरल से गिरकर $110 प्रति बैरल पर आ गए हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर ईरानी और कतारी अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन हुई वार्ता के सकारात्मक संकेतों से कच्चे तेल की कीमतों में यह राहत देखने को मिली है।
3. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार पर फिर से भरोसा दिखाया है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में FIIs ने ₹3,598 करोड़ के इक्विटी शेयरों की शुद्ध खरीदारी की, जिससे डोमेस्टिक मार्केट सेंटीमेंट को भारी सपोर्ट मिला।
जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, 'अक्टूबर के उच्चतम स्तर 23,175 के आसपास बाजार में दोबारा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यह स्तर 23,500-23,800 की दिशा में होने वाली निरंतर बढ़त के रास्ते में एक रुकावट बन सकता है। अगर बाजार 23,225 के स्तर से ऊपर बंद होने में असमर्थ रहता है, तो खरीदार पीछे हट सकते हैं, जिससे निफ्टी 22,807-22,715 के स्तर तक गिर सकता है।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।