Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: ट्रंप के एक बयान ने सिर्फ 40 मिनट में भारतीय शेयर बाजार की तस्वीर बदल दी। सेंसेक्स 1,000 अंक लुढ़क गया और निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए। साथ ही, क्रूड में उछाल समेत 6 अन्य बड़े कारण भी इस क्रैश के जिम्मेदार रहे। अब बाजार की अगली चाल किन तीन बड़े फैक्टर्स पर टिकी है। एक्सपर्ट्स से समझिए पूरी तस्वीर।

अपडेटेड Jul 08, 2026 पर 5:54 PM
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर अब खत्म हो चुका है, जिसके बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली शुरू हो गई।

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?


ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।