ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से
ट्रंप के एक बयान ने ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में भूचाल ला दिया। कच्चा तेल 6% से ज्यादा उछल गया, जबकि सोना और चांदी टूट गए। आखिर ऐसा क्यों हुआ और अब इन तीनों कमोडिटी में आगे क्या रुख रह सकता है? एक्सपर्ट्स की राय जानिए।
एनालिस्टों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हलचल मचा दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर यानी अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ने की आशंका तेज हो गई। इसका असर सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा। वहीं, सोना और चांदी की कीमतों में दबाव आ गया। गोल्ड और सिल्वर ETF भी 3% तक टूट गए।
6% से ज्यादा उछला कच्चा तेल
ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड 6% से ज्यादा उछलकर 78.56 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। ट्रंप ने कहा कि वह अब ईरान के साथ किसी समझौते में दिलचस्पी नहीं रखते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।
एनालिस्टों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। खासकर Hormuz Strait से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर इसका असर पड़ सकता है। दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से सप्लाई करता है।
सोना और चांदी क्यों टूटे?
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने में खरीदारी बढ़ती है। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग रही। तेल की कीमतों में तेज उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। अगर महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है या फिर उन्हें बढ़ा भी सकता है।
ब्याज दर ऊंची रहने से निवेशकों की गोल्ड जैसे एसेट में दिलचस्पी घट जाती है, क्योंकि इसमें कोई ब्याज नहीं मिलता। यही वजह रही कि स्पॉट गोल्ड 1.4% और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 2.3% तक टूट गए। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.6%, प्लैटिनम 4.1% और पैलेडियम 4.9% तक गिर गए। MCX पर भी ग्लोबल मार्केट जैसा रुझान देखने को मिला। गोल्ड 1.40% और सिल्वर में करीब 3% गिरावट देखने को मिली।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
Esquire Capital Investment Advisors के CEO सम्राट दासगुप्ता का कहना है कि बाजार में फिलहाल घबराहट में बिकवाली देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से भारत, यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों पर दबाव बना है।
हालांकि, उनका मानना है कि यह शुरुआती प्रतिक्रिया है। आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार स्थिर हो सकता है। निवेशकों की नजर अब ईरान से जुड़े घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर रहेगी।
गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर क्या है आउटलुक?
Choice Broking के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा के मुताबिक, सोने में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली है। गोल्ड अपने 20, 50 और 100 EMA के नीचे कारोबार कर रहा है। साथ ही ओपन इंटरेस्ट बढ़ने से शॉर्ट बिल्डअप के संकेत मिल रहे हैं। उनके मुताबिक, MCX गोल्ड के लिए 1,41,826 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट हो सकता है।
मकदा ने सिल्वर के बारे में कहा कि यह भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रही है। अगर चांदी 2,23,307 रुपये के सपोर्ट स्तर के नीचे फिसलती है, तो इसमें और कमजोरी आ सकती है।
मकदा के मुताबिक, कच्चे तेल का रुख फिलहाल मजबूत दिख रहा है। MCX क्रूड ऑयल जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में लॉन्ग बिल्डअप देखने को मिल रहा है। RSI और MACD जैसे तकनीकी संकेतक भी तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में अगर पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी जारी रह सकती है।
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