IT कंपनी विप्रो के शेयर में 17 अप्रैल को दिन में 3.6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। BSE पर भाव 202.60 रुपये के लो तक गया। बाद में शेयर 2.78 प्रतिशत गिरावट के साथ 204.35 रुपये पर सेटल हुआ। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की परफॉरमेंस अच्छी न रहने से शेयर में बिकवाली का दबाव है। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 1.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,501.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 3,569.6 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गई। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की तुलना में मुनाफा 12.2 प्रतिशत और इनकम 2.8 प्रतिशत बढ़ी है।
कंपनी के आईटी सर्विसेज सेगमेंट ने मार्च 2026 तिमाही में 265.1 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में विप्रो का शुद्ध मुनाफा 0.47 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 3.96 प्रतिशत बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये रहा।
विप्रो के बोर्ड ने 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। शेयरहोल्डर्स से 60 करोड़ शेयर वापस लिए जाएंगे। बायबैक प्राइस 250 रुपये प्रति शेयर रहेगा। विप्रो को उम्मीद है कि आगामी अप्रैल-जून 2026 तिमाही में आईटी सर्विसेज बिजनेस से रेवेन्यू 259.7 करोड़ डॉलर से 265.1 करोड़ डॉलर के बीच रहेगा। वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 2,42,156 रही। इससे पहले के वित्त वर्ष के अंत तक यह 2,33,346 थी।
Wipro को कवर करने वाले 45 एनालिस्ट्स में से 11 ने 'बाय' रेटिंग दी है। 19 ने 'होल्ड' की सलाह दी है, और 15 ने 'सेल' की सलाह दी है। मॉर्गन स्टेनली ने 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है और प्राइस टारगेट को घटाकर 194 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसका कारण उम्मीद से कम ऑर्गेनिक ग्रोथ और कमजोर गाइडेंस बताया गया। नोमुरा ने 250 रुपये के टारगेट के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और तिमाही को मिला-जुला बताया है। ब्रोकरेज ने FY27-28 के लिए कमाई के अनुमानों को 1-2% बढ़ाया है। JPMorgan ने शेयर के लिए 200 रुपये के टारगेट के साथ 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि मार्जिन उम्मीदों से बेहतर रहे लेकिन रेवेन्यू उम्मीदों से कम रहा।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 'सेल' रेटिंग के साथ 190 रुपये का टारगेट बरकरार रखा। ब्रोकरेज ने कहा कि विप्रो का एग्जीक्यूशन कमजोर है, क्लाइंट्स लगातार बदल रहे हैं और प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्रदर्शन लगातार कमजोर बना हुआ है। यह भी चेतावनी दी कि ग्रोथ के लिए अधिग्रहण पर निर्भर रहना शायद लंबे समय तक चलने वाली रिकवरी में मददगार साबित न हो।
CLSA ने 194 रुपये के टारगेट के साथ 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने रेवेन्यू में कमी, डील्स की धीमी रफ्तार और BFSI सेगमेंट में लगातार कमजोरी जैसी कई चिंताओं का जिक्र किया। लेकिन साथ ही स्थिर मार्जिन और बायबैक को सकारात्मक पहलू भी बताया। HSBC ने भी 210 रुपये के टारगेट के साथ अपनी 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि रिकवरी की संभावना अभी भी कमजोर बनी हुई है। बायबैक से कम समय के लिए स्टॉक को सहारा मिल सकता है, लेकिन यह लंबे समय के लिए कोई बहुत बड़ा ट्रिगर नहीं है।
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