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Yes Bank पर कब्जा करना चाहते हैं विदेशी निवेशक, क्या RBI दे सकता है इसकी इजाजत!

Yes Bank Stake Sell: विदेशी निवेशक चाहते हैं कि यस बैंक में उनकी कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी हो लेकिन रिजर्व बैंक को उनकी ये बात मंजूर नहीं है। विदेशी निवेशकों की एख और मांग है जिसने RBI के होश उड़ा दिए हैं, जानिए क्या है पूरा मामला

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 02, 2024 पर 6:26 PM
Yes Bank पर कब्जा करना चाहते हैं विदेशी निवेशक, क्या RBI दे सकता है इसकी इजाजत!
Yes Bank Stake sell: जानिए यस बैंक की हिस्सेदारी बेचने के सामने क्या है सबसे बड़ी अड़चन

पिछले कुछ समय से लगातार Yes Bank में हिस्सेदारी बेचने को लेकर चर्चा चल रही है। लेकिन अब RBI ने स्टेक लेने में दिलचस्पी रखने वाली कंपनियों के सामने एक शर्त रख दी है। Yes Bank में जो कंपनियां कंट्रोलिंग स्टेक लेना चाहती हैं, RBI ने उन कंपनियों को अपने डिमांड पर दोबारा गौर करने को कहा है। कंपनियों की अहम मांग है Yes Bank में मेजॉरिटी स्टेक लेना और उसे बरकरार रखना। और इसी मांग की वजह से डील की प्रक्रिया इतनी लंबी खिंच रही है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया, "रेगुलेटर के साथ शुरुआती बातचीत के बाद संभावित खरीदारों को कहा गया है कि वो अपने कुछ डील की शर्तों पर दोबारा विचार करें।" सूत्रों के मुताबिक जो कंपनियां Yes Bank में स्टेक लेना चाहती है उनकी दो खास मांगें हैं।

इसमें पहला तो यही है कि इनवेस्टर या खरीदार कंपनी Yes Bank में अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रखना चाहती है। इस मामले में एक अन्य सूत्र ने बताया, "Yes Bank में निवेश करने वाले नए इनवेस्टर्स नहीं चाहते हैं कि बैंक में किसी भी समय उनकी हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम हो।" हालांकि बैंकिंग लाइसेंस के नियमों के मुताबिक, ऑपरेशंस शुरू करने के 15 साल के भीतर प्रमोटर्स को अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26 फीसदी करना होता है।

Yes Bank:  क्या है विदेशी निवेशकों की मंशा

इस मुश्किल से निकालने के लिए RBI ने निवेशकों को धीरे-धीरे हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव दिया है। क्योंकि हमेशा 51 फीसदी होल्डिंग बनाए रखना मुश्किल है।

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