इंडियन स्टॉक मार्केट्स में पिछले कई सालों में बड़ा करेक्शन नहीं आया था। इस बार बाजार के प्रमुख सूचकांक पीक से 15-20 फीसदी तक गिरे हैं। यह मार्केट में खरीदारी का अच्छा मौका है, लेकिन यह चैलेंज पेश करता है। चैलेंज यह है कि अगर आप खरीदारी कर रहे हैं तो आपको अपनी खरीदारी कब रोक देनी चाहिए। मेरा मानना है कि हम शुरुआती संकेत समझने के लिए वोलैटिलिटी की मदद ले सकते हैं। लेकिन, ऐसा करने से पहले हमें इक्विटी और वोलैटिलिटी की बुनियादी विशेषताओं को रिवाइज कर लेना ठीक रहेगा।
